दुर्ग । भिलाई नेहरू नगर निवासी डॉ. रवि शुक्ला ने अपनी माताजी रानी शुक्ला के निधन के उपरांत परिवारजनों मधु शुक्ला, नीलू त्रिवेदी, डॉ. मंजू शुक्ला एवं डॉ. मंजरी शुक्ला—की सहमति से त्वचा दान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दौरान नवदृष्टि फाउंडेशन के मुकेश आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रभु दयाल उजाला एवं राजेश पारख पल्स हॉस्पिटल में उपस्थित रहे और पूरी त्वचा दान प्रक्रिया में सहयोग किया।
सेक्टर-9 हॉस्पिटल की बर्न यूनिट टीम के डॉ. अनिरुद्ध मेने, सुनीता साहू, विनीत कुमार, शिवांगी साहू, चमेली एवं विक्की सर ने सफलतापूर्वक त्वचा संग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण की। डॉ. रवि शुक्ला ने बताया कि डॉक्टर परिवार से होने के कारण वे नेत्रदान एवं त्वचा दान के महत्व को भली-भांति समझते हैं। इसी सोच के साथ परिवार ने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया, जिससे उनकी माताजी का जीवन और भी सार्थक बन सका। उन्होंने समाज में इस विषय पर अधिक जागरूकता की आवश्यकता भी बताई।
नवदृष्टि फाउंडेशन के मुकेश आढ़तिया ने जानकारी दी कि शुक्ला परिवार ने त्वचा दान के साथ-साथ नेत्रदान के लिए भी सहमति दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से नेत्रदान संभव नहीं हो सका। कुलवंत भाटिया ने कहा कि डॉ. रवि शुक्ला क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं और उनके परिवार के इस निर्णय से समाज में त्वचा दान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा भविष्य में इसका लाभ अनेक मरीजों को मिलेगा।

