बस्तर साल के अंतिम सप्ताह में बस्तर पर्यटकों से गुलजार है। यहां के 13 टूरिस्ट प्लेस में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जल प्रपात और तीरथगढ़ की सैर करने हर दिन 5 से 7 हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं। पिछले 3 सालों की तुलना में 31 दिसंबर से पहले यह रिकॉर्ड तोड़ भीड़ है। बस्तर की वादियां, झरने, पहाड़ों में ट्रैकिंग और कैंपिंग करना लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से महज 39 किमी की दूरी पर चित्रकोट जल प्रपात स्थित है। जानकार बताते हैं कि वॉटरफॉल का आकार घोड़े की नाल की तरह है। यहां इंद्रावती नदी का पानी लगभग 90 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। बारिश के दिनों में 7 से ज्यादा धाराएं नीचे गिरती हैं तो वहीं अभी ठंड के समय में 2 से 3 धाराएं गिर रही हैं।
जिसकी खूबसूरती देखने और प्रपात के नीचे बोटिंग करने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को भी करीब 6 हजार से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचे थे। इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं।
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