गरियाबंद | 21 अगस्त 2025। अस्पताल में गार्ड के इंजेक्शन लगाने के मामले में अब एक्शन की तैयारी है। पूरा मामला गरियाबंद जिला का है, जहां यहां एक महिला गार्ड ने मरीज को इंजेक्शन लगाया और यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर बी.एस. उईके ने घटना को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

वीडियो हुआ वायरल, लोगों में आक्रोश
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला गार्ड अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज को इंजेक्शन लगा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान डॉक्टर और नर्स दोनों मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे।

पूर्व पार्षद ने किया खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो वार्ड नंबर 8 के पूर्व पार्षद योगेश बघेल ने बनाया। वे अपने भतीजे का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। उसी दौरान उन्होंने देखा कि महिला गार्ड मरीज को इंजेक्शन लगा रही है। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और सवाल किया, तो डॉक्टर और नर्स का चौंकाने वाला जवाब सामने आया। उनका कहना था कि यह “प्रैक्टिस” है और गार्ड अक्सर इंजेक्शन लगा लेती है।

प्रशासन ने माना गंभीर लापरवाही
इस पूरे मामले को प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर बी.एस. उईके ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस का जवाब संतोषजनक न मिलने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन यशवंत ध्रुव ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिल चुकी है। जिन डॉक्टरों और नर्स की मौजूदगी में यह लापरवाही हुई है, उन्हें भी शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

By kgnews

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