रायपुर । राजधानी के मालवीय रोड स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में आज अपूर्व श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला। वर्तमान संघनायक आचार्य प्रवर समयसागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से, समाधि सम्राट और दिगंबर जैन संत परंपरा के देदीप्यमान नक्षत्र आचार्य विद्यासागर महाराज के पावन दिव्य ‘चरण कमल’ की विधि-विधान पूर्वक स्थापना की गई।
प्रातः 07:45 बजे,वैशाख कृष्ण दशमी तिथि,निर्वाण संवत २५५२, रविवार, मुनिसुव्रतनाथ भगवान का जन्म, तप कल्याणक के अवसर पर आयोजित इस समारोह का शुभारंभ संजय पंडितजी के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीजी के अभिषेक और शांतिधारा से हुई। इसके पश्चात आचार्य का विशेष पूजन विधान संपन्न किया गया। भक्तिमय वातावरण के बीच, विशिष्ट मंत्रोच्चार के साथ आचार्यश्री के दिव्य चरण कमलों को मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित किया गया।
इस ऐतिहासिक और पुण्यशाली कार्य के मुख्य लाभार्थी भाटापारा निवासी इंद्र कुमार, अनिल कुमार, राजकुमार, सतीश एवं गिरीश जैन परिवार रहे। परिवार द्वारा चरण कमल स्थापना के साथ-साथ उपस्थित जनसमूह के लिए स्वल्पाहार की भी उत्तम व्यवस्था की गई थी।
इस पावन अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के पुरुष एवं महिला सदस्य उपस्थित थे। समाज के श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री के चरणों में वंदना की और उनके द्वारा बताए गए संयम और करुणा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरा मंदिर परिसर “आचार्य विद्यासागर महाराज की जय” के नारों से गुंजायमान रहा।

