सभी अधिकारी कर्मचारी स्वगणना फार्म भरें, नागरिकों को भी अधिक से अधिक फार्म भरने प्रोत्साहित किया जाए
एक माह से लंबित प्रकरणों का 30 अप्रैल तक प्राथमिकता के साथ निराकरण के निर्देश
महासमुंद , कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर लंगेह ने सभी कार्यालयों में आधार आधारित उपस्थिति अनिवार्य करने तथा ई-फाइल प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को कहा है कि बिना सूचना के जिला मुख्यालय से बाहर न रहें।
बिना अनुमति के बाहर रहने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि व्यापम, सीजीपीएससी एवं अन्य परीक्षाओं में रविवार को अधिकारियों की ड्यूटी लगाए जाने पर परीक्षा केन्द्र में स्वयं उपस्थित रहें तथा ड्यूटी बिना कारण के निरस्त न कराएं। कलेक्टर ने 16 अप्रैल से शुरू हुए जनगणना 2027 अंतर्गत सभी अधिकारियों को ऑनलाइन लिंक के माध्यम से स्वगणना फार्म भरने कहा है। इसके अलावा सभी जनपद सीईओ ग्राम स्तर पर ग्राम सचिव, रोजगार सहायक के माध्यम से लोगों को स्वगणना फॉर्म भरने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह महिला बाल विकास, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग को अमले के माध्यम से तथा सीएससी केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को स्वगणना के लिए प्रोत्साहित करने कहा है।
कलेक्टर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून माह के चावल भंडारण की समीक्षा करते हुए भंडारण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। नान (नागरिक आपूर्ति निगम) के अधिकारी ने जानकारी दी कि 3 माह का चावल भंडारण 72 प्रतिशत किया जा चुका है। कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी 593 दुकानों में चावल उत्सव अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी दुकानों में अविलंब चावल वितरण सुनिश्चित करने कहा है।
कलेक्टर लंगेह ने जिले के सभी विभागों के अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी एसडीएम को क्लस्टर स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्होंने सभी विभागों को विभागीय एवं शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को एक माह से अधिक लंबित प्रकरणों का मिशन मोड पर 30 अप्रैल तक प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को सभी स्वीकृत अप्रारम्भ कार्यां को शीघ्र प्रारम्भ कराने के निर्देश दिए हैं।
जल संरक्षण के लिए मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, डबरी, तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराया जाए। कलेक्टर ने किसानों को खेतों में जल संरक्षण संरचनाएं बनाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा प्रधानमंत्री आवासों में सोखता गड्ढा एवं भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। सभी विभागों को समन्वय के साथ अभियान का क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने बताया कि मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत 30 अप्रैल तक महाभियान चलाकर प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण में 14 हजार एवं शहरी में 10 हजार आवासों में सोख्ता गड्ढा निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही स्कूलों, आंगनवाड़ी, छात्रावास आश्रमों एवं शासकीय आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
