दंतेवाड़ा, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिले के लाइवलीहुड कॉलेज करली के मीटिंग हॉल में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय, जगदलपुर, राष्ट्रीय मानव हस्तकरघा विकास केंद्र (एनसीएचएचडी) तथा जिला प्रशासन दंतेवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों एवं एनसीएचएचडी के हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ना, उनकी पहचान सुनिश्चित करना तथा उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना रहा।

इस दौरान हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय की टीम द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को हस्तशिल्प से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, आर्टिजन कार्ड, प्रशिक्षण एवं विपणन सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। चौपाल के दौरान ही एनसीएचएचडी के हितग्राहियों का आर्टिजन कार्ड बनाने के लिए पंजीयन कार्य भी किया गया। इससे कारीगरों को भविष्य में हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। 


कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर, जनपद पंचायत अध्यक्ष शकुंतला भास्कर एवं नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश कौशल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं डिप्टी कलेक्टर राजीव जेम्स कुजूर तथा अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही एनसीएचएचडी करली इकाई से रितेश कुमार साहू एवं प्रशिक्षकगण ने भी हितग्राहियों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने बताया कि आर्टिजन कार्ड के माध्यम से कारीगरों को शासकीय पहचान, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, प्रदर्शनी में भागीदारी एवं बाजार उपलब्धता जैसे कई लाभ प्राप्त होते हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से जिले के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण कारीगरों को सीधे लाभ मिलता है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है। यह चौपाल कार्यक्रम कारीगरों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम साबित हुआ।

By kgnews

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