भाटापारा। छत्तीसगढ़ के भाटापारा क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे गौवंश हत्या के मामलों ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। ताज़ा मामला भाटापारा अंतर्गत दरचूरा के जंगलों से सामने आया है, जहाँ 5 से 6 मवेशियों के कटे हुए अंग, सिर और शरीर से उतारी गई खाल बरामद की गई है। इस वीभत्स दृश्य के सामने आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जंगल में अलग-अलग स्थानों पर मवेशियों के अवशेष बिखरे हुए मिले। कुछ शवों के सिर अलग थे, जबकि शरीर से खाल उतारी जा चुकी थी। कई अंग गायब होने से यह स्पष्ट हुआ कि सुनियोजित तरीके से गौवंश की हत्या कर उनके अवशेष जंगल में फेंके गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई।
घटना को लेकर हिंदू संगठनों और गौ-सेवकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और इसे धार्मिक आस्था पर सीधा हमला बताया। संगठनों ने आरोप लगाया कि भाटापारा क्षेत्र में इससे पहले भी गौवंश हत्या की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की सख्ती के अभाव में असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू की। घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य एकत्र किए गए और संदिग्धों की तलाश के लिए टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान प्रवीण मसीह और समीर डहरिया के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से गौवंश हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू और अन्य हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। आरोपियों से यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है और क्या इससे पहले की घटनाओं में भी इनकी संलिप्तता रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया है। इस घटना के बाद भाटापारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौवंश की लगातार हो रही हत्याओं से क्षेत्र की शांति भंग हो रही है और धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
