कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में शैक्षिक गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाना, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं की सुनियोजित एवं प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करना रहा।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने विकासखंडवार शैक्षणिक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को विषयवार आंकने, कमजोर विषयों की पहचान करने तथा पिछले वर्ष के परीक्षा परिणामों की तुलना के आधार पर सुधारात्मक रणनीति अपनाने के निर्देश दिए व स्पष्ट किया कि केवल परिणाम नहीं, बल्कि सीखने की गुणवत्ता और अवधारणाओं की स्पष्टता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

कलेक्टर दुदावत ने निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय स्तर पर विषयवार विश्लेषण कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत अतिरिक्त कक्षाएं, पुनरावृत्ति अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्रों का अभ्यास एवं नियमित मूल्यांकन जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़े और परीक्षा परिणामों में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित हो सके।

शैक्षणिक अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष जोर दिया, सभी शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में विद्यालयों के भौतिक संसाधनों एवं अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवन, कक्षाओं, फर्नीचर, अथवा अन्य आवश्यक सुविधाओं की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

इसके अलावा गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को आयोजित होने वाले उल्लास मेले की तैयारियों को लेकर भी कलेक्टर ने विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। जिले के सभी ग्राम पंचायतों में आयोजन किया जाएगा, जिससे साक्षरता अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। नवभारत साक्षरता अभियान के अंतर्गत पिछले वर्ष जिन नव साक्षरजनों ने परीक्षा दिलवाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, उन्हें स्टाल संचालन का दायित्व सौंपा जाएगा। एक स्टाल पर अधिकतम दो नव साक्षर एवं एक स्वयंसेवी शिक्षक (9 वी एवं 11वी के विद्यार्थी) कार्य करेंगे तथा संपूर्ण व्यवस्था का मार्गदर्शन संबंधित प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा।

उल्लास मेले के सफल संचालन हेतु नोडल प्राचार्य एवं सहायक नोडल संकुल शैक्षिक समन्वयकों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह मेला जिले की कुल 412 ग्राम पंचायतों में प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगा। आयोजन की गुणवत्ता, सहभागिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड एवं जिला स्तर पर मॉनिटरिंग समितियों का गठन किया जाएगा।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता विभाग ज्योति शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।

By kgnews

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