भिलाई के वयोवृद्ध फल विक्रेता राजमन सेन के चलती ट्रेन से गायब हो जाने के ढाई महीने हो गये लेकिन खोजना तो दूर पुलिस इस मामले में कोई सुराग तक नहीं लगा पाई है। परिजनों को आशंका है कि राजमन के साथ कहीं कोई अनहोनी न हो गयी हो। पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस मामले में पुलिस इतनी सुस्त क्यों है ! ज्ञात हो कि पिछले 11 सितम्बर को राजमन सेन चलती ट्रेन से अचानक गायब हो गए थे। राजमन के सुपुत्र फलों के थोक एवं चिल्हर व्यापारी अशोक कुमार सेन ने इसकी रिपोर्ट शासकीय रेलवे पुलिस में दर्ज कराई थी। उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनके 92 वर्षीय पिता राजमन सेन पिछले 11 सितम्बर को अपनी पत्नी मालती देवी एवं पिताजी राजमन सेन के साथ ट्रेन नंबर 18212 बिलासपुर-दुर्ग एक्सप्रेस से अनूपपुर से भिलाई पावर हाउस आने के लिए कोच नंबर एस-6 में दरवाजे के पास बैठ कर अनूपपुर से सफर कर रहे थे। सुबह उस्लापुर स्टेशन पर ट्रेन पहुँची थी, उस समय तक उनके पिताजी साथ थे। उसके बाद ट्रेन चलने पर नींद आने पर वे सीट के नीचे सो गए। सुबह साढ़े आठ बजे नींद खुलने पर देखा कि पिताजी नहीं थे। उस समय तिल्दा स्टेशन पर ट्रेन खड़ी थी। पूरी गाड़ी छान मारने पर भी उनका कोई पता न चला। प्रार्थी अशोक सेन ने अपने पिता की फोटो मय विवरण के जीआरपी को देकर ढूंढने का निवेदन किया था लेकिन आज पर्यन्त राजमन के बारे में कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया। अशोक सेन पुलिस एवं प्रशासन से अनुरोध किया कि उनके बूढ़े पिता इस ठंढ में किस हाल में होंगे। मानवीयता के आधार पर भी उनकी खोजबीन की जाये।

By kgnews

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