रायपुर। अभनपुर ब्लॉक कॉलोनी में स्थित जी टाइप आवास में निवास रत अधिकारी का रिटायरमेंट ढाई साल पहले 30 जून 2022 को हो गया है उसके बाद भी आज तक उनके द्वारा मकान को खाली नहीं किया गया है इस बाबत उनके विभाग के अलावा लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई । क्या है खासियत आवास की अभनपुर की सबसे पुरानी सरकारी कालोनी में प्राइम लोकेशन पर है उनका जी टाइप आवास जो अभनपुर जैसी छोटी जगह पर सबसे बड़ा मकान कहलाता है उसमें अतिरिक्त कमरे और अन्य व्यवस्था संसाधन भी लोक निर्माण विभाग द्वारा जुटाए गए हैं जिसके कारण और भी सुविधाजनक हो चुका है । आवास से लगे हुए सारे ही सरकारी कार्यालय हैं । सभी प्रकार की दुकान मार्केट के अलावा साप्ताहिक बाजार भी इसी जगह में भरता है यानी कि आसपास के क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति इस जगह में आता ही आता है मैदान और खुली जगह होने से गाड़ी पार्किंग की कोई दिक्कत नहीं होती है ब्लॉक स्तर के अधिकांश कर्मचारी अधिकारी भी इसी कॉलोनी में रहते हैं । ब्लॉक स्तर का अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भी यहीं पर है साथ में अन्य सारे विभाग भी इसी कैंपस में बने हुए हैं।

तीसरी पीढ़ी रह रही शासकीय आवास में 3 बार ट्रांसफर फिर भी मकान खाली नही किए अभनपुर ब्लॉक कॉलोनी में जी टाइप आवास में 43 साल से निवास रत अधिकारी ने प्रभाव के कारण बेटी के नाम पर मकान आबंटित करा दिया और परिवार के नाती पोतों के साथ मजे से रह रहे हैं । सूत्रों के अनुसार ब्लॉक स्तर के सबसे बड़े पद पर रहने के कारण आने वाले कोई भी अधिकारी कर्मचारी के पास अच्छा प्रभाव होने के कारण आवास को रिटायर होने के 6 माह के आसपास बेटी के नाम से आवंटित करा लिया गया और अब वहां पर सपरिवार बेटे बेटी नाती पोतों के साथ रह रहे हैं। चर्चा है कि जिस बेटी के नाम से मकान को आवंटित कराया गया है उसका जन्म भी इसी घर में हुआ है जो अब सरकारी स्कूल में शिक्षिका है । इस तरह से चर्चित अधिकारी की तीसरी पीढ़ी को भी काफी दिन हो चुके हैं वर्तमान परिस्थिति से अनुमान लगाया जाय तो चौथी पीढ़ी भी आ जाय तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

आखिर वजह क्या होगी सरकारी मकान खाली न करने की तरह तरह की जन चर्चा मे लोगों के अनुमान अभनपुर की ब्लॉक कॉलोनी स्थित शासकीय जी टाइप आवास जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद भी पूर्व अवंटी रह रहा है वर्तमान में अपनी बेटी के नाम से मकान को आवंटित करा दिया है । इस पर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं कि आखिर इस मकान को न छोड़ने के पीछे क्या राज सकता है ? सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों का कहना है कि इस मकान से उनको बहुत तरक्की मिली है इसलिए नहीं छोड़ना चाहते हैं , कुछ लोगों का कहना है कि शासकीय कमाई वाले विभाग से ऊपरी कमाई से जो धन इकट्ठा किया गया होगा , सोना चांदी आदि जमा किया गया होगा उसको पुराने जमाने के सुरक्षा के हिसाब से उसी मकान के अंदर जमीन खोदकर गड्ढे में रखा गया होगा जो भूल जाने के कारण खोज नहीं पा रहे होंगे इसलिए किसी भी कीमत में उस मकान को नहीं छोड़ रहे हैं यह लोगों का अनुमान है जो चर्चाओं में सुना गया है सच्चाई क्या होगी यह कोई दीगर व्यक्ति नहीं बता सकता ।

नए आबंटी ने 3 माह बाद मकान को अधिपत्य में लेने की सूचना दी अभनपुर ब्लॉक कॉलोनी स्थित जी टाइप आवास जो पूर्व अवंटी अधिकारी द्वारा अपनी बेटी के नाम से आवंटित कराया गया इस मकान में पूर्व से ही वह बेटी रह भी रही थी उसकी पढ़ाई से लेकर नौकरी तक इसी घर से हुई । फिर भी उसने अपने नाम पर आबंटित मकान को अधिपत्य में लेने की सूचना लोक निर्माण विभाग अभनपुर को ढाई महीने बाद दिया इससे पता लगता है कि उसके नाम से मकान आबंटन की जानकारी उसको नहीं थी । अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अभनपुर के कार्यालय में इस संबंध में जानकारी ली गई तो ज्ञात हुआ कि वर्तमान आवंटी कभी भी इस कार्यालय में मकान आवंटन के सिलसिले में नहीं आया है । पूर्व आवंटी द्वारा मकान खाली करने की सूचना देने की कोई जानकारी लोक निर्माण विभाग को नहीं मिली जबकि नियम कुछ और ही कहता हैं ।

By kgnews

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