रायपुर, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आदि कर्मयोगी अभियान 2025 के तहत जिला बीजापुर में 28 से 30 अगस्त तक तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रक्रिया प्रयोगशाला कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे एवं नोडल अधिकारी देवेंद्र सिंह, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर मिश्रा ने अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय गांवों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाकर आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में ठोस विजन तैयार करने का माध्यम है।

प्रयोगशाला में जिले के चारों जनपदों से शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देकर उन्हें आदि कर्मयोगी और आदि सहयोगी की भूमिका में तैयार किया गया। ये प्रशिक्षक आगामी दिनों में गांव-गांव जाकर आदि कर्मयोगी साथियों को प्रशिक्षित करेंगे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर ट्राईफेड, नई दिल्ली के असिस्टेंट मैनेजर वी.के. तिवारी ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में सहभागिता की भूमिका पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी और आदि साथी ही वे कड़ी हैं, जो योजनाओं को धरातल तक पहुंचाकर जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मैथ्यूस कुजूर, जिलाराम राणा एवं घासी राम नाग विशेष रूप से उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी देवेंद्र सिंह ने सभी प्रशिक्षित अधिकारियों को अभियान की सफलता हेतु निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने की शपथ दिलाई।

इस प्रशिक्षण में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर खेमलाल दाता, दिनानाथ गोसाईं, मनोज कावटी, नंदकुमार मारकोंडा एवं पी.एल. तांडिया का उल्लेखनीय योगदान रहा।

By kgnews

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