दंतेवाड़ा बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर स्थित जगरगुंडा गांव में इस साल 36 स्टूडेंट्स 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होंगे। मार्च से शुरू हो रही परीक्षा के लिए बुधवार को हेलीकॉप्टर से प्रश्न पत्र भेजे गए हैं। सुकमा से सड़क मार्ग से नक्सलियों का खतरा है, इसलिए प्रशासन ने हवाई मार्ग चुना है। यह इलाका नक्सलियों की उप राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। यही वजह है कि पिछले साल जगरगुंडा में परीक्षा केंद्र खोलकर एहतियातन प्रश्न प्रत्र हेलीकॉप्टर से रवाना किए गए।

दरअसल, सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 94 किमी की दूरी पर जगरगुंडा गांव बसा हुआ है। यहां के बच्चे परीक्षा शुरू होने से 3 से 4 दिन पहले 60 किमी का सफर तय कर दोरनापाल आते थे। महीने भर यहीं रुक कर एग्जाम देते थे। पिछले साल से जगरगुंडा में ही प्रशासन ने परीक्षा केंद्र खोल दिया है। ऐसे में इस साल 36 बच्चे अपने ही गांव में परीक्षा देंगे। जिसमें 10वीं के 14 और 12वीं के 20 स्टूडेंट शामिल हैं।

By kgnews

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