रायपुर। सुंदर नगर स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल का वार्षिक उत्सव ‘मुस्कान-2026‘ रविवार को हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। बैस सांस्कृतिक भवन के स्मृति सभागार में आयोजित इस समारोह में नन्हे बच्चों की कला और उनकी मासूमियत का ऐसा संगम देखने को मिला,
जिसने वहां मौजूद हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगारंग प्रस्तुतियों से जीवंत हुआ मंच कार्यक्रम का आगाज दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद मंच पर नर्सरी से लेकर पांचवीं तक के सितारों ने अपनी प्रतिभा बिखेरी।
कार्यक्रम की झलकियां नन्हे कदम, बड़ी धूम केजी-1 के बच्चों ने ‘बोलो तारा रा‘ और ‘ये कुड़िया शहर दियाँ‘ जैसे गीतों पर थिरक कर समां बांध दिया। वहीं, केजी-2 के बच्चों ने ‘मैं तो रास्ते से जा रहा था‘ और ‘यूपी वाला ठुमका‘ लगाकर दर्शकों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया।
क्लास वन के बच्चों ने ‘जैसे चले हवाएं सनन सनन‘ और ‘प्रेम जाल में फंस गई मैं तो‘ गीत की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। वहीं क्लास वन के बच्चों द्वारा ‘मां ओ मेरी मां‘ और ‘तुझमें रब दिखता है‘ गीत पर मार्मिक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी दर्शकों को भावुक कर दिया।
मासूमियत का जादू नर्सरी के बच्चों की मासूम अदाओं और उनके रैंप वॉक ने सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं। 80 के दशक के सुपरहिट गानों पर उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों की पुरानी यादें ताजा कर दीं। सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति का संगम कक्षा तीसरी के बच्चों द्वारा ‘आमी जो तोमार‘ पर दी गई प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।
दर्शकों के विशेष आग्रह पर कोरियोग्राफर श्रीमती रश्मि ने स्वयं बच्चों के साथ मंच साझा किया, जिसने उत्साह को दोगुना कर दिया। क्लास टू के बच्चों ने छत्तीसगढ़ी गीत ‘मया के करार ले ले वो‘ की प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की मिट्टी की महक बिखेरी। वहीं मां काली की स्तुति ‘अयि गिरिनंदिनि‘ पर एकल नृत्य और ‘ये गलियां ये चौबारा‘ जैसे गीतों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
