रायपुर। प्रदेश के रबी दलहन – तिलहन उत्पादक किसानों को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा बनाये गये पी एम आशा योजना का लाभ लेने से अनेकों किसान वंचित हो गये हैं । इसका कारण किसान पंजीयन पोर्टल के पहले ही गिरदावरी पोर्टल को लाक कर दिया जाना है। किसान पंजीयन हेतु शासन ने अंतिम तिथि बीते 31 मार्च निर्धारित किया था लेकिन इसके पहले ही गिरदावरी पोर्टल विभागीय तालमेल न होने की वजह से बीते 26 मार्च से बंद हो गया है जिसके चलते क्राप सर्वे का इन्द्राज नहीं हो पा रहा ।
ज्ञातव्य हो कि केंद्र सरकार ने किसानों का आय बढ़ाने , फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और संकटग्रस्त बिक्री को रोकने के उद्देश्य से किसानों के हित में विभिन्न दलहन – तिलहन फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान जिसे संक्षेप में पी एम आशा योजना बनायी है ।
प्रदेश के कृषि विभाग ने पहले एकीकृत किसान पोर्टल में ऐसे किसानों के पंजीयन हेतु बीते 01 दिसंबर से बीते 28 फरवरी की तिथि व क्राप सर्वे रिपोर्ट इन्द्राज हेतु गिरदावरी पोर्टल 25 मार्च तक खुला रखने का निर्णय लिया था । इसी बीच कृषि संचालक व विभिन्न जिलाधीशों द्वारा डिजीटल क्राप सर्वे का डाटा तकनीकी त्रुटि के कारण अपडेट नहीं हो पाने के फलस्वरूप संबंधित पोर्टल पर कृषक पंजीयन का रकबा/ खसरा का प्रविष्टि नहीं हो पाने की जानकारी देते हुये किसान पंजीयन की समयावधि बढ़ाने की मांग किये जाने पर किसान पंजीयन की तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी गयी पर राजस्व विभाग द्वारा किये जाने वाले क्राप सर्वे ( गिरदावरी ) का इन्द्राज का निर्धारित तिथि विभागीय लापरवाही के चलते पूर्ववत् 25 मार्च ही रह गया ।
इसकी वजह से खासकर 26 से 31 मार्च तक पंजीयन कराने वाले किसानों का डिजीटल क्राप सर्वे का डाटा इन्द्राज नही हो पाने की जानकारी देते हुये किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , कृषि मंत्री रामविचार नेताम , प्रमुख सचिव विकासशील व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को मेल से ज्ञापन भेज गिरदावरी पोर्टल आगामी 15 अप्रैल तक रबी उत्पादक किसानों के व्यापक हित में पुनः खुलवाने की मांग की है ।
