बिलाईगढ़ । जिले के गगोरीटांडा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां अज्ञात व्यक्ति ने एक पोल्ट्रीफार्म में घुसकर रखी गई मुर्गियों और बतखों को बेरहमी से मार डाला। इस घटना ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है। पोल्ट्रीफार्म के संचालक विजय कुमार कमल ने बताया कि वे गांव में अपनी आजीविका के लिए पोल्ट्रीफार्म चलाते हैं। उनके फार्म में लगभग 150 देशी मुर्गियां और 50 बतखें थीं। विजय कुमार ने कहा कि वे रात में दाना खिलाकर घर लौटे और सुबह जब फार्म पहुंचे तो चारों ओर मृत मुर्गियां और बतखें पड़ी थीं। यह दृश्य देखकर उन्होंने खुद को संभालना मुश्किल पाया।

संचालक ने आगे बताया कि उनकी आशंका है कि यह कृत्य गांव के कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा द्वेषवश किया गया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें लगभग दो लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है, जो उनकी आजीविका पर गहरा प्रभाव डालता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से पशुपालन क्षेत्र में भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से आग्रह किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मामले में पुलिस ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। स्थानीय थाना प्रभारी ने कहा कि गगोरीटांडा गांव में सुरक्षा बढ़ाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से भी आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को तुरंत दें।

पोल्ट्रीफार्म में हुई यह घटना केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के मनोबल और पशुपालन व्यवसाय के प्रति भरोसे को भी प्रभावित करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अपराधियों को समय पर पकड़कर सजा नहीं दी गई, तो भविष्य में ऐसे हमलों की आशंका बनी रहेगी। स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में पोल्ट्री फार्म और पशुपालन केंद्रों की सुरक्षा के लिए CCTV, फेंसिंग और स्थानीय निगरानी समितियों का होना आवश्यक है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान रोका जा सकेगा बल्कि पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

वहीं, पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और आगे ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी असामान्य गतिविधि को नजरअंदाज न करें। इस घटना के बाद बिलाईगढ़ क्षेत्र में पशुपालन व्यवसायियों और ग्रामीणों के बीच सुरक्षा की गंभीर चिंता पैदा हो गई है। यह मामला प्रशासन और पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई कर ग्रामीणों और किसानों का विश्वास बहाल करें।

By kgnews

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