दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित दंतेवाड़ा मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। इस क्रम में विगत दिवस इस मॉडल की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए असम राज्य से आए अधिकारियों के दल ने दंतेवाड़ा पहुंचकर जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया।

इस दल में असम राज्य से आए अधिकारियों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, असम के संयुक्त आयुक्त धुबज्योति नाथ (एसीएस), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के राज्य परियोजना अभियंता रंजीत दास एवं नीलोत्पल मिश्रा शामिल रहे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी उपायुक्त राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय तथा महात्मा गांधी नरेगा के सहायक अभियंता सोमकांत साहू भी निरीक्षण में उपस्थित थे। उपरोक्त अधिकारियों की माने तो दंतेवाड़ा मॉडल से प्रभावित होकर अब असम में भी इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है। 
 
     निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संचालित राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन किया और प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी प्रक्रिया, सामग्री की जांच तथा निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें बताया गया कि दंतेवाड़ा मॉडल के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें राजमिस्त्री प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण, सुरक्षा मानक, सामग्री की पहचान एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कार्य करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इससे एक ओर जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. वहीं दूसरी ओर आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक आजीविका भी प्राप्त हो रही है। असम से आए अधिकारियों ने दंतेवाड़ा प्रशासन द्वारा अपनाए गए इस नवाचारी मॉडल की सराहना करते हुए इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, विश्वास बहाली और विकास का प्रभावी उदाहरण बताया। अधिकारियों के अनुसार, दंतेवाड़ा मॉडल को असम में लागू किए जाने से वहां भी ग्रामीण आवास योजना को नई दिशा मिलेगी।

By kgnews

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