गरियाबंद , कलेक्टर बीएस उईके के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा जिला समन्वयक मनीषा वर्मा के नेतृत्व में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत् महिला सशक्तिकरण केन्द्र के द्वारा बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य बालिकाओं के बीच बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना है। अधिकतर यह देखा गया है कि लड़कियां विभिन्न समाजिक और पारिवारिक दबावों के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे चिंता और तनाव का अधिक शिकार होती हैं।

लड़कियां अक्सर शैक्षणिक प्रदर्शन, सामाजिक अपेक्षाओं, शारीरिक बनावट और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे मुद्दों के कारण अत्यधिक दबाव महसूस करती हैं तथा यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के छुरा के बढ़ते उपयोग ने भी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला है इसी कड़ी में सर्वप्रथम शा.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसेला एवं सोरिद खुर्द, भसेरा, आंगनबाड़ी केन्द्र सोरिद खुर्द, विकासखंड फिंगेश्वर अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेका, सशक्तिकरण केन्द्र द्वारा बालिकाओं से उनके मेंटल हेल्थ तथा उनके परिवार व स्वास्थ्य के बारे मे चर्चा की गई जिससे उनका आत्म विश्वास व मनोबल बढ़े एक स्वस्थ्य मन उन्हे शिक्षा, कैरियर और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाता है एवं जेण्डर विशेषज्ञ अंजली नाविक, पद्मनी दीवान द्वारा महिला सशक्तिकारण केन्द्र, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना अंतर्गत बाल लिंगानुपात, पीसीपीएनडीटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, दहेज प्रताड़ना, सुकन्या समृध्दि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सखी वन स्टाप सेंटर, महिला हेल्प लाईन 181, चाईल्ड लाईन 1098, महिलाओं एवं बालिकाओं के खिलाफ लिंग आधारित भेदभाव की विस्तृत जानकारी साझा की तथा बच्चियों को उनकी सुरक्षा एवं बचाव के तरीके बताए गए। गुडटच बैड टच तथा स्पांसरशीप योजना को विस्तार से जानकारी दी गई। इस अभियान में महिला सशक्तिकारण केन्द्र  से वि.सा.स.वि. अर्चना सिंह व शोभा मरकाम, का. सहायक श्वेता शुक्ला व सखी से पैरामेडिकल वर्मा, केस वर्कर रंजनी समदार, सुमन तिवारी एवं पैरालीगल कर्मिक निशा नेताम शामिल रहे।

By kgnews

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