जिले की वन संपदा और नवाचारों से प्रभावित हुए भारतीय वन सेवा के अधिकारी

धमतरी, वन संपदा और जैव विविधता से भरपूर धमतरी जिला एक बार फिर गौरव का केंद्र बना जब महाराष्ट्र राज्य के नागपुर से आये भारतीय वन सेवा (प्थ्ै) के वरिष्ठ अधिकारियों ने दुगली स्थित वन धन प्रसंस्करण केन्द्र एवं औषधी पौध रोपण का अध्ययन भ्रमण किया। धमतरी जिला, जो वन बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ-साथ दुर्लभ वनौषधियों के भंडार के रूप में प्रसिद्ध है, देशभर के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। इन्हीं विशेषताओं को जानने और सीखने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर को महाराष्ट्र से सात सदस्यीय वन अधिकारी दल एक दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर पहुँचा।
इस दल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय नागपुर से पी. कल्याण कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एन.टी.एफ.पी.) रमेश कुमार, मुख्य वन संरक्षक गढ़चिरौली वृत्त शैलेष मीणा, उप वन संरक्षक भामरागढ़ वनमंडल अग्रिम सैनी, उप वन संरक्षक मेलघट वनमंडल सायपन शेख, उप वन संरक्षक जवाहर वनमंडल नितिन सिंह तथा उप वन संरक्षक एस.एस. करे शामिल थे।
अधिकारियों ने भ्रमण के दौरान गैर-लकड़ी वन उत्पादों से जुड़ी “बेस्ट प्रैक्टिसेस” का अवलोकन किया। इनमें औषधीय पौधों का रोपण, शहद, तेंदूपत्ता, महुआ फूल एवं फल जैसे उत्पादों के साथ-साथ वन धन विकास केन्द्र दुगली में माहूल पत्ते से बनने वाले पत्तल-दोना और अन्य उत्पादों का निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त, दल ने औषधी पौध रोपण क्षेत्र का भी भ्रमण किया।  भ्रमण के दौरान अधिकारियों को औषधी रोपण, प्रसंस्करण केन्द्र की गतिविधियाँ, लाख उत्पादन, मार्केटिंग तथा वनमंडल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी एवं जिला लघु वनोपज प्रबंध संचालक कृष्ण जाधव, उप प्रबंध संचालक बी.के. लकड़ा, एस.सी.ओ. गुड्डु दुफारे, प्रबंधक सुरेश साहू सहित जिला वनोपज सहकारी समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *