आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल एवं घरेलु गैस की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता इंतजाम करने के दिए निर्देश
मीडिया ब्रिफिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालोें के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा
बालोद, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति के संबंध में आज प्रदेश के सभी संभाग आयुक्तों, आईजी, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के अलावा जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर युद्ध के कारण उत्पन्न हालात की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत सरकार के बेहतर प्रबंधन के फलस्वरूप पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद पूरे देश के साथ-साथ हमारे प्रदेश में भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आम नागरिकों को घरेलु गैस, पेट्रोल एवं डीजल आदि की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी हमें स्थिति पर नजर रखते हुए टीम भावना एवं पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
साय ने कहा कि मौजूदा हालात में आम नागरिकों को घरेलु गैस, पेट्रोल एवं डीजल के साथ-साथ जरूरी चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा यथा स्थिति बनाए रखने हेतु मीडिया का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस संबंध में मीडिया को समय पर सूचना प्रदान करने हेतु जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने आशा व्यक्त किया कि कोरोना काल की भाँति शासन-प्रशासन एवं समाज के सभी वर्गों के सहयोग से पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने हम सफल होंगे।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव विकासशील, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योेगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से पश्चिम एशियाई संकट के परिपेक्ष्य में केन्द्र सरकार के पेट्रोलियम गैस मंत्रालय द्वारा 28 फरवरी 2026 के पश्चात की गई कार्रवाई के अलावा खाद्य विभाग द्वारा राज्य स्तर पर अब तक की गई कार्रवाई के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिलों से आगामी दिनों में दी जाने वाली अपेक्षित कार्रवाई के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम गैस मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा 08 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी कंट्रोल आॅर्डर 2026 जारी किया गया।
जिसके तहत घरेलु गैस उपलब्धता को सुनिश्चित करने शत प्रतिशत आपूर्ति घरेलु गैस क्षेत्र में दी गई है। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेण्डर उपभोक्ताओं के लिए राज्य की मांग का 20 प्रतिशत तक प्राथमिकता वाले क्षेत्र को शत प्रतिशत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने घरेलु गैस सिलेण्डर उपभोक्ताओं का रिफलिंग भी बढ़ाने की जानकारी दी। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने हेतु तथा इस दौरान उपभोक्ताओं एवं आम नागरिकों को समुचित मात्रा में घरेलु गैस एवं पेट्रोल डीजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु खाद्य विभाग द्वारा खाद्य संचालक की अध्यक्षता में राज्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। विकासशील ने कहा कि 18002333663 नंबर पर आपातकाल राज्य सहायता केन्द्र स्थापित किया गया है।
बैठक में संभागायुक्तों एवं पुलिस महानिरीक्षकों से बारी-बारी से चर्चा कर प्रत्येक संभागों में घरेलु गैस, पेट्रोल एवं डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु की जा रही उपायों के संबंध में जानकारी दी गई। बैठक में राज्य में घरेलु गैस उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस आपूर्ति समीक्षा के अलावा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के औद्योगिक एलोकेशन अंतर्गत कमर्शियल गैस की आपूर्ति, गैस की जमाखोरी को रोकने हेतु कारगर करवाई, पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 अंतर्गत आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति और भंडारण पर नियंत्रण, पीएनजी सीटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क अधोसंरचना के विकास हेतु त्वरित कार्यवाही के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य सचिव ने पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति के फलस्वरूप प्रदेश के प्रत्येक संभागों एवं जिलों की कानून व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को जिला स्तरीय समिति एवं कंट्रोल रूम की स्थापना, एलपीजी सिलेंडर, उर्वरक एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी, तस्करी एवं एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने एलपीजी, पीडीएस ईंधन गोदामों पर आकस्मिक निरीक्षण किए जाए एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं एलपीजी वितरण विनियमन आदेश के तहत त्वरित कार्रवाई करने को कहा है। विकासशील ने भीड़ नियंत्रण, अफवाह प्रबंधन एवं संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को संवेदनशील व्यक्तियों, गिरोहों पर कड़ी निगरानी और अतिक्रमण, गैरकानूनी गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा एलपीजी सिलेंडर, खाद-उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने को कहा है। मुख्य सचिव ने डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर के स्टॉक रजिस्टर की जाँच और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट सुनिश्चित करने को कहा है। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा एवं स्वच्छ ऊर्जा पहले के अंतर्गत अधिकारियों को सरकारी भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और पंचायत भवनों पर रूफटॉप सोलर की स्थापना के उपाय सुनिश्चित करने तथा किसानों को सौर पंप और सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा गोबर से कंप्रेस्ड बायो गैस यूनिट स्थापित करवाने हेतु ग्राम पंचायतों और डेयरी क्लस्टरों को जोड़ने एवं गोबर, कचरा संग्रह, परिवहन और प्रसंस्करण हेतु स्थानीय मॉडल विकसित करने के उपाय करने को कहा गया। इसके साथ ही जिले एवं राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क को आगे बढ़ाने की व्यावहारिक संभावनाओं, भौगोलिक उपयुक्तता, मांग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और लाभप्रदता का विस्तृत अध्ययन एवं मूल्यांकन करने तथा गतिविधियों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
