रायपुर,

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना

बिलासपुर के कोनी इलाके में रहने वाली रंजिता पटेल हमेशा से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिल रही थी, जिससे वह हताश रहने लगी। लेकिन उसकी जिंदगी तब बदली जब उसने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में सुना। रंजिता ने इस योजना के अंतर्गत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट का कोर्स करने का फैसला किया। प्रशिक्षण के दौरान, उसने मरीजों की देखभाल, अस्पताल में आवश्यक प्रक्रियाएं और चिकित्सा उपकरणों के सही उपयोग के बारे में सीखा।

रंजिता को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद एक निजी अस्पताल में नौकरी मिल गई। पहले जहां वह बेरोजगार थी और अपने परिवार की आर्थिक मदद नहीं कर पा रही थी, वहीं अब वह हर महीने एक अच्छी सैलरी कमाने लगी। उसकी इस सफलता ने न केवल उसे बल्कि उसके पूरे परिवार को खुशी दी। रंजिता कहती है, अगर यह योजना नहीं होती तो शायद मैं आज भी बेरोजगार होती। इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया और मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाया। इससे मेरे सपनों को पंख मिल गया है।

रीता यादव, ऋतु यादव और द्रौपदी निषाद ने भी इसी योजना के तहत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट का प्रशिक्षण प्राप्त किया और आज वे विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं। ऋतु यादव बताती हैं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी नौकरी मिल जाएगी। अब मैं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में योगदान दे रही हूं। वहीं, रामेश्वर निषाद, जिन्होंने राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त किया, कहते हैं, अब मैं खुद का व्यवसाय चला रहा हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ। यह योजना मेरे जैसे युवाओं के लिए वरदान साबित हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि हर युवा को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने भविष्य का निर्माण कर सकें और छत्तीसगढ़ की समृद्धि में योगदान दे सकें। उनके इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने कई रोजगारोन्मुखी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एक महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना राज्य के युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। 14 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के युवा इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। वे युवा जो स्कूली या कॉलेज शिक्षा छोड़ चुके हैं और रोजगार की तलाश में हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क है और प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है। योजना के अंतर्गत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, ब्यूटी पार्लर कोर्स, सिलाई प्रशिक्षण, डाटा एंट्री ऑपरेटर, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री, डेस्कटॉप पब्लिकेशन, सोलर पैनल ऑपरेटर, जल वितरण संचालक आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना से बिलासपुर जिले के 596 युवाओं को इस वर्ष कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। कई युवाओं ने नौकरी हासिल की, तो कुछ ने अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंपों के माध्यम से नौकरी के अवसर प्रदान किए जाते हैं। रंजिता अब आगे नर्सिंग का कोर्स करना चाहती है ताकि वह और भी बेहतर नौकरी प्राप्त कर सके। वह चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां इस योजना का

By kgnews

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