छत्तीसगढ राज्य के पूर्व मंत्री बदरूदीन कुरैशी ने कहा है कि देश के संविधान और राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग में निर्वाचित प्रतिनिधि के मिनीमम उम्र का निर्धारण अवश्य है लेकिन इस बात का उल्लेख नहीं है कि व्यक्ति अंतिम कितनी उम्र तक जनप्रतिनिधि रह सकता है लेकिन कुछ राजनैतिक दल के लोग अपने निजी राजनितिक स्वार्थ की पूर्ती के लिए यदा-कदा नियम अपने दल के लिए जरूर निर्धारित करते है लेकिन वह स्थायी नहीं होता जबकि आम जन की राय है कि जितना राजनितिज्ञ का उम्र होगा उतनी देश और जनहित में अच्छी सोच होगी इसलिए राजनितिज्ञों का अंतिम उम्र का निर्धारण नहीं होता है।

By kgnews

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