रामानुजगंज | शहर में आवारा कुत्तों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। बीते चार दिनों के भीतर कुत्तों ने 13 लोगों को अपना शिकार बनाया है जिनमें दो स्कूली छात्र, तीन महिलाएं और एक चार वर्षीय मासूम बच्चा भी शामिल है। कुत्तों ने सड़कों पर दौड़ाकर लोगों को काटा है जिससे शहरभर में डर और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक अधिकतर घायलों को गहरे जख्म आए हैं और समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। शहर के प्रमुख इलाकों बाजार चौक, स्टेशन रोड, बस स्टैंड और स्कूल के आसपास कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरपालिका ने लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। बावजूद इसके, अब तक आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। शहरवासियों का कहना है कि नगर प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें रोजाना खतरे का सामना करना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी और जिम्मेदारी से कदम उठाता है।
