रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित खालसा स्कूल परिसर में सतनामी उत्थान एवं जागृति समिति द्वारा आयोजित सतनामी युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए लाभदायक होते हैं। समाज के गुरु बालदास साहब ने अपने पुत्र का विवाह, समाज द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह में कराकर समाज के सामने एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से वर-वधु खोजने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता, एक मंच पर ही विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय प्राप्त होता है। आगे चलकर वे विवाह के पवित्र बंधन में बंधते हैं। ऐसे आयोजनों से समय और धन की बचत होती है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में शामिल होने वाले युवक-युवतियों को उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान करते हुए शुभकामनाएं दी। उन्होंने सतनामी समाज द्वारा आयोजित इस परिचय सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिमी संस्कृति में विवाह भले ही कॉन्ट्रेक्ट होता है लेकिन हमारी संस्कृति में विवाह एक पवित्र संस्कार और सात जन्मों का साथ होता है। ऐसे आयोजनोें से दो परिवारों को शादी संबंध स्थापित करने में काफी सहूलियत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ध्येय वाक्य ‘‘सबका साथ, सबका विकास। सबका विश्वास और सबका प्रयास‘‘ का अनुसरण कर रही है। हमने लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए मोदी जी की गारंटी पर अमल की शुरूआत कर दी है। उन्होंने सतनामी समाज द्वारा नवा रायपुर में सामाजिक गतिविधियों के लिए जमीन की मांग के संबंध में कहा कि राज्य सरकार सतनामी समाज के विकास के लिए जो भी जरूरी सहयोग होगा करेगी। नवा रायपुर में सामाजिक गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग पर विचार करेंगे।गुरू बालदास साहब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर समाज में विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी लोगों से ऐसे सामाजिक आयोजनों में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने परिचय सम्मेलन में शामिल होने वाले युवक-युवतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। सतनामी उत्थान एवं जागृति समिति के अध्यक्ष श्री जय बहादुर बंजारे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि उनकी समिति द्वारा 23 वर्षाें से परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे विभिन्न आयोजनों में अब तक लगभग 19 हजार 500 विवाह योग्य युवक-युवतियों ने अपना परिचय दिया। जिनमें से लगभग 65 प्रतिशत विवाह के पवित्र बंधन में बंधे।

By kgnews

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