विशेष लेख : सियादेही में तैयार हुआ ‘लइका घर’: बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
ही परिसर में लइका घर, आंगनबाड़ी और विद्यालय की सुविधा; बच्चों के समग्र विकास एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा की अभिनव पहल.


धमतरी : किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों के हाथों में होता है और बच्चों का भविष्य उनके प्रारंभिक वर्षों में मिलने वाले वातावरण, शिक्षा और संस्कारों से आकार लेता है। इसी सोच को साकार रूप देते हुए धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सियादेही में एक आकर्षक, बाल-अनुकूल और सुविधासंपन्न ‘लइका घर’ विकसित किया गया है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण बच्चों के सपनों, संभावनाओं और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

लइका घर को बच्चों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। यहां बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्यवर्धक खेल-खिलौनों की व्यवस्था की गई है। रंग-बिरंगी दीवारों पर हिन्दी वर्णमाला, अंक, फल, सब्जियां, पशु-पक्षी, प्रकृति और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों की आकर्षक चित्रकारी बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करती है। यह वातावरण बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की स्वाभाविक रुचि को बढ़ावा देता है।

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसका एकीकृत शैक्षणिक मॉडल है। ग्राम सियादेही में एक ही परिसर में लइका घर, आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत 7 माह से 3 वर्ष तक के बच्चे लइका घर में प्रारंभिक देखभाल एवं विकासात्मक गतिविधियों से जुड़ेंगे। इसके बाद 3 से 6 वर्ष तक वे आंगनबाड़ी में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ प्राप्त करेंगे तथा आगे चलकर उसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय में नियमित शिक्षा ग्रहण करेंगे। प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद समीप स्थित माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन जारी रखने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
यह मॉडल बच्चों की शिक्षा यात्रा को निरंतर और सहज बनाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। इससे बच्चों और अभिभावकों को बार-बार नए संस्थानों की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ने के साथ-साथ शाला त्याग (ड्रॉपआउट) की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
लइका घर केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास का केंद्र बनेगा। यहां सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण में बच्चों को सामाजिक सहभागिता, संवाद कौशल, रचनात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास विकसित करने के अवसर मिलेंगे। परिसर में स्वच्छता, हरियाली और खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि बच्चों को स्वस्थ और आनंददायक वातावरण मिल सके।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का मानना है कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में प्राप्त अनुभव जीवनभर व्यक्ति के विकास को प्रभावित करते हैं। उनके अनुसार, “लइका घर केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यहां बच्चों को सीखने, समझने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अनुकूल वातावरण मिलेगा। जिले में बाल हितैषी अधोसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा और समुचित अवसर प्राप्त हो सकें।”
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम वातावरण उपलब्ध कराना, उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को गति देना है। इसके साथ ही अभिभावकों और समुदाय में भी बाल शिक्षा एवं बाल विकास के प्रति सकारात्मक जागरूकता का विस्तार होगा।
ग्राम सियादेही में तैयार किया गया यह लइका घर न केवल धमतरी जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल बन सकता है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रारंभिक बाल विकास और शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों के लिए अवसरों और संभावनाओं से भरा एक बेहतर भविष्य तैयार किया जा सकता है।
आरंग. विकासखंड आरंग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुज़रा में सियासी भूचाल आ गया…
कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन विकास, तकनीकी…
छिंदवाड़ा शहर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध केसरी नंदन हनुमान मंदिर को जिला प्रशासन से मिले…
भिलाई. युगांडा से आए 3 नए यात्रियों की ट्रेसिंग की गई. तीनों यात्री 7 जून…
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की…
भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो…