उत्तर बस्तर कांकेर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 08 से 14 मार्च तक विश्व ग्लूकोमा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध कोमलदेव जिला चिकित्सालय कांकेर से नगर के मुख्य मार्गों में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के उपलक्ष्य में रैली आयोजित की गई तथा नागरिकों को इसके लक्षण और परीक्षण के संबंध में जागरूक किया गया।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ग्लूकोमा एक (काला मोतिया) आंखों का रोग है, यह बीमारी 40 वर्ष से अधिक उम्र वालों को होती है। ग्लूकोमा धीरे-धीरे आंखां की रोशनी छीन लेता है। इसके प्रभाव से दृष्टि में धीरे-धीरे कमी आना, आंखों में लालिमा, अचानक दृष्टि का जाना, तीव्र दर्द, धुंधली दृष्टि, तेज रोशनी के चारों तरफ इंद्रधनुष रंग के गोले नजर आना, चश्मा नम्बर में लगातार बदलाव होना ग्लूकोमा के सामान्य लक्षण हैं।

इस दौरान नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका महिलांग तथा अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सरिता कुमेटी द्वारा ग्लूकोमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनचेतना हेतु प्रस्तुति दी गई, साथ ही शहर में विश्व ग्लूकोमा दिवस पर रैली निकालकर जनजागरूकता हेतु प्रचार-प्रसार किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कांकेर द्वारा जिलावासियों से अनुरोध किया गया है कि विश्व ग्लूकोमा सप्ताह में अपनी आंखों की जांच अधिक से अधिक संख्या में अनिवार्य रूप से कराएं।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *