बिलासपुर सिम्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के प्रयासों से एक मनोरोग युवती न केवल अपने परिवार के लोगों तक पहुंच पाई, बल्कि उसकी मानसिक स्थिति में भी बेहद सुधार हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य के मैहर की रहने वाली एक 28 वर्षीय युवती अंजाने में ट्रेन से बिलासपुर पहुंच गई थी। रेलवे पुलिस द्वारा उससे पूछताछ कर जानकारी चाही गई लेकिन युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह कुछ बता पाने में असमर्थ थी। युवती की मानसिक अवस्था को देखते हुए उसे सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां मनोरोग विभाग के डॉक्टरों की टीम ने युवती के इलाज में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। युवती के स्वास्थ्य में बेहद तेजी से सुधार हुआ और वह 2 दिनो में ही बोलने की स्थिति में आ गई और उन्होंने अपने घर का पता बताया जिससे उसके घर वालो से संपर्क कर उसे उनकी बेटी की कुशलता की जानकारी दी गई। 

बालिका की माता सुनीता रावत ने बताया कि उनकी बेटी की मानसिक हालत ठीक नही होने के कारण अक्सर वह बिना बताए कहीं भी चली जाती है। उस दिन भी वह कही चली गई थी देर रात तक जब उसका कोई पता नही चला तो थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गईं थी। इसी दौरान सिम्स हॉस्पिटल, बिलासपुर में उनकी बेटी भर्ती होने की जानकारी उन्हे मिली तो वे अपनी बेटी को लेने आज सिम्स हॉस्पिटल पहुंची है। जहां अपनी बेटी को कुशल पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। उन्होंने सिम्स हॉस्पिटल के सभी डॉक्टरों का आभार माना है। इस पूरे कार्य में डिप्टी एमएस डॉक्टर विवेक शर्मा, डॉ एसके नायक, डॉक्टर जीएस सिंह, डॉक्टर राकेश जांगड़े, डॉक्टर अंकित गुप्ता, डॉक्टर अंकित खरे, डॉक्टर अंशुल गुप्ता, डॉक्टर प्रियांश दुबे, डॉक्टर एलिस मेहर, डॉक्टर सुधांशु भट्ट आदि का सराहनीय योगदान रहा।

By kgnews

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