रायपुर। 57,000 पदों पर शिक्षकों की भर्ती का वादा था उसे शुरू किया जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सिर्फ 5000 शिक्षकों की भर्ती युवाओं के साथ धोखा है। भाजपा सरकार, शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा कर रही है। सरकार बनते ही तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 33 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की, इससे पीछे हटते पिछले बजट में मंत्री ओपी चौधरी ने 20 हजार शिक्षक भर्ती की घोषणा की, उसके बाद मुख्यमंत्री ने 5,000 पदों में शिक्षक भर्ती की घोषणा की, अब 5,000 शिक्षक भर्ती में व्याख्याता कम्प्यूटर के 146 पद एवं योग प्रशिक्षक के 146 पदों को हटाकर 4,708 पदों पर भर्ती की अनुमति दी गयी है ये सीधा-सीधा 1 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा पूरा होने का इंतजार कर रहे युवाओं के साथ धोखा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के हठधर्मिता के चलते शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के मन में निराशा का भाव आया है, जिस प्रकार से वादा करके वादाखिलाफी की जा रही है, ऐसे में तो हजारों विषय विशेषज्ञ युवा आने वाले समय में सरकारी नौकरी की उम्र सीमा पार कर जाएंगे और परीक्षा से वंचित हो जाएंगे, उनकी जिंदगी खराब हो जाएगी और भाजपा सरकार की मंशा तो नौकरी देने की नहीं है, इसलिए भाजपा के जितने मंत्री हैं उनके शिक्षक भर्ती को लेकर अलग-अलग दावे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी की गारंटी में एक लाख सरकारी नौकरी देने का वादा था, 2 साल में तय वादे के अनुसार अब तक प्रदेश के 40,000 युवाओं को सरकारी नौकरी मिल जाना था। लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों ने रोजगार दिया नहीं, बल्कि रोजगार छीना है। जिस प्रकार से पीएससी एवं व्यापम की परीक्षा में आरक्षक भर्ती, वन आरक्षक, आरआई भर्ती में प्रश्न पत्र में त्रुटियां पाई जा रही है, परीक्षाये विवादस्पद हो रही है यह सरकार की सोची समझी रणनीति है, ताकि वह अधिक भ्रमित है कि सरकार ने तो भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन परीक्षाओं में त्रुटि होने के चलते उन्हें नौकरी नहीं मिला। भाजपा युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे से मुकर रही है।
