कार्यक्रम में गर्भवती व धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दी जा रही जानकारी

महासमुंद , संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार 8वें पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. मुक्ता बारिहा ने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, शिशुओं एवं छोटे बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला आयुष विभाग द्वारा विभिन्न आयुष संस्थानों एवं चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिसमें सुवर्णप्राशन संस्कार कार्यक्रम, गर्भिणी परिचर्या जागरूकता कार्यक्रम, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य परामर्श, पोषण एवं जीवनशैली पर स्वास्थ्य शिक्षा, योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण, आयुर्वेदिक आहार एवं दिनचर्या पर मार्गदर्शन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक, आयुर्वेदिक औषधालय, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के माता-पिता को पोषण, आयुष चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है।


जिला आयुष अधिकारी डॉ. बारिहा ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना, कुपोषण को कम करना तथा बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। जिला आयुष विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने निकटतम आयुष संस्थान में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर आयुष चिकित्सा पद्धति का लाभ प्राप्त करें एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

By kgnews

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