रायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित और पूर्व सचिव के बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले, दीपा आदिल और जीवन किशोर ध्रुव शामिल हैं।
गौरतलब है कि बीते माह छत्तीसगढ़ लोक सेवा परीक्षा-2021 में चयनित निर्दोष अभ्यर्थियों को बिलासपुर हाईकोर्ट ने राहत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि जिन उम्मीदवारों का नाम सीबीआई चार्जशीट में नहीं है और जिन पर कोई आपत्ति नहीं मिली है, उन्हें दो माह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। साथ ही निर्देश दिया गया था कि 10 मई 2024 तक की वैधता अवधि में नियुक्तियां पूरी कर ली जाएं।
क्या है मामला
CGPSC ने 26 नवंबर 2021 को 171 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिनमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार, जेल अधीक्षक और लेखाधिकारी जैसे अहम पद शामिल थे। परीक्षा परिणाम 11 मई 2023 को जारी हुए, लेकिन गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई।
जांच में सामने आया कि कुछ पदाधिकारियों और उनके रिश्तेदारों का चयन विवादों में रहा। मामला कोर्ट पहुंचा और जांच का जिम्मा CBI को सौंपा गया। इसके चलते सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां अटक गईं। निर्दोष अभ्यर्थियों ने कोर्ट में गुहार लगाई कि वे पूरी तरह पात्र हैं, फिर भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही।
अब CBI की ताजा कार्रवाई के बाद घोटाले की जांच और तेज हो गई है।
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