CG : किसानों के लिए मधुमक्खी पालन कम लागत में ज्यादा मुनाफा…

जशपुरनगर । राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राज्य योजना अंतर्गत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने हेतु जशपुर जिले के कुल 20 कृषकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना तथा फसलों के परागण के माध्यम से उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत लाभार्थियों को मधुमक्खी पेटी बी बॉक्स मय मधुमक्खी कॉलोनी हेतु 1600, मधुमक्खी छत्ता हेतु 800 मधु निष्कासन यंत्र हेतु 8000 अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

मधुमक्खी पालन के लिए अधिक भूमि की आवश्यकता नहीं होती। किसान इसे अपनी खेती के साथ-साथ आसानी से अपना सकते हैं। मधुमक्खी पालन अंतर्गत सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता से क्षेत्रों को मजबूत बना रही हैं।

फसलों की पैदावार बढ़ाने में मधुमक्खियों की अहम भूमिका

मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

मधुमक्खियों द्वारा किए गए परागण से फल, सब्ज़ी और तिलहनी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। सरसों, लीची, आम, अमरूद, सूरजमुखी, धनिया, सब्ज़ी फसलें और जंगली फूल मधुमक्खियों के लिए उत्तम पुष्प स्रोत हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मधुमक्खी पालन अपनाने से टिकाऊ और लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलता है।

स्वरोज़गार का अवसर

मधुमक्खी पालन ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोज़गार का अच्छा माध्यम बन रहा है। प्रशिक्षण लेकर कोई भी व्यक्ति इस कार्य को आसानी से शुरू कर सकता है। शहद, मोम, रॉयल जेली जैसे उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। सरकार द्वारा आर्थिक सहायता एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पर्यावरण संरक्षण में सहायक

मधुमक्खियां जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। इनके बिना प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मधुमक्खियों की संख्या घट रही है, जो चिंता का विषय है। ऐसे में मधुमक्खी-अनुकूल खेती को अपनाने की आवश्यकता है।

कम लागत, अधिक मुनाफा

कम निवेश में अधिक लाभ देने वाला मधुमक्खी पालन आज किसानों की पहली पसंद बनता जा रहा है। एक मधुमक्खी बॉक्स से साल में कई बार शहद उत्पादन किया जा सकता है। सही प्रबंधन से अच्छी आमदनी संभव है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मौसम, पुष्प स्रोत और वैज्ञानिक तकनीकों का ध्यान रखकर मधुमक्खी पालन किया जाए, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हों।

kgnews

Recent Posts

CG : कृष्ण मित्र फाउंडेशन का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान …

CG : कृष्ण मित्र फाउंडेशन का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान …

रायपुर । प्रकृति की ओर सोसायटी एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में…

14 minutes ago
राजनांदगांव : सुशासन तिहार : कुहीकला में आयोजित हुआ जनसमस्या समाधान शिविर…

राजनांदगांव : सुशासन तिहार : कुहीकला में आयोजित हुआ जनसमस्या समाधान शिविर…

18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से प्राप्त हुए 1170 आवेदन, मौके पर कई प्रकरणों का…

15 minutes ago
CG : GPSC घोटाले में ED का बड़ा एक्शन: रायपुर, दुर्ग-राजनांदगांव में ताबड़तोड़ छापे …

CG : GPSC घोटाले में ED का बड़ा एक्शन: रायपुर, दुर्ग-राजनांदगांव में ताबड़तोड़ छापे …

रायपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो…

22 minutes ago
राजनांदगांव : नगर निगम आयुक्त ने की पानी को उबालकर पीने की अपील…

राजनांदगांव : नगर निगम आयुक्त ने की पानी को उबालकर पीने की अपील…

पीलिया से ग्रसित 3 मरीजों का किया जा रहा उपचार राजनांदगांव । जिले में पीलिया…

22 minutes ago
CG : CGPSC मुख्य परीक्षा 6 जून से, आयोग ने जारी किया विस्तृत कार्यक्रम …

CG : CGPSC मुख्य परीक्षा 6 जून से, आयोग ने जारी किया विस्तृत कार्यक्रम …

रायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की लिखित परीक्षा…

31 minutes ago
अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त बोलेः नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर…

39 minutes ago