उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार समावेशी शिक्षा अंतर्गत शालाओं में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन बी.आर.सी. भवन कांकेर में किया गया। उक्त कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स दीपक सोनवानी एवं सरोज पाण्डेय द्वारा दिव्यांग बच्चों के पालक एवं अभिभावकों को समावेशी शिक्षा के महत्व और दिव्यांग बच्चों के अधिकारों के बारे में बताया गया। साथ ही उन्हें संवेदनशील बनाने और उनका मार्गदर्शन करने, पाठ्यक्रम अनुकूलन, कक्षा रणनीतियों, सहायक उपकरणों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया।
जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों का चिन्हांकन आसानी से करना व दिव्यांग बच्चों के बीच संवेदनशीलता का विकास करना था, जिससे पालक दिव्यांग बच्चों के भावनाओं और आवश्यकताओं को समझ सकें तथा दिव्यांग बच्चों को होने वाली समस्याओं का आसानी से समाधान कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखण्ड कांकेर, चारामा, नरहरपुर के शालाओं में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के पालक/अभिभावक शामिल थे।
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