भिलाई। सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ अंकुश देवांगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईरान अमेरिका युद्ध को देखते हुए पेट्रोल बचाने की अपील का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि देश हित में आज से वे साईकिल से ही ड्यूटी जाएंगे। ज्ञात हो कि अंकुश देवांगन भिलाई इस्पात संयंत्र, मेडिकल विभाग के जन्म मृत्यु कार्यालय में पदस्थ हैं। इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम कलाकार हैं जो संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में ललित कला अकादमी के बोर्ड मेंबर बने हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों से इत्तेफाक रखते हुए भारत के समस्त नागरिकों से अपील की है कि ऐसे कठिन समय में पेट्रोल बचत ही सच्चा देशप्रेम है। उन्होंने साईकिल कैंपेन का आगाज करते हुए लोगों को चैलेंज दिया है कि “स्वस्थ हो तो साइकिल चलाओ, और इस दुनिया को हसीन बनाओ।” अंकुश अपनी कला के माध्यम से सामाजिक सरोकार के कार्यों के लिए जाने जाते हैं। वे छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 36 वर्षों हिंसा छोड़ो कला से नाता जोड़ो आंदोलन चला रहे हैं। जिसके अंतर्गत वे बच्चों को निशुल्क चित्र/मूर्तिकला सिखाते हैं और अपने खर्चे से उन्हें कलासामग्री का भी वितरण करते हैं। ताकि ये बच्चे शिक्षित और सृजनशील हो सकें और हिंसा के रास्ते में न जाएं। जिसका सदैव ही उचित प्रतिफल सामने आता रहा है और हजारों बच्चे माओवादी बनने से बचे हैं। भिलाई सिविक सेंटर में कृष्ण अर्जुन रथ, सेल परिवार चौक, रूआबांधा में पंथी चौक, सेक्टर 1 में श्रमवीर चौक, बोरिया गेट में पीएम ट्राफी चौक, भिलाई निवास में नटराज, दल्ली राजहरा में छः मंजिली इमारत जितना भव्य कृष्ण अर्जुन भीष्म पितामह लौहरथ, रायपुर पुरखौती मुक्तांगन में कलाकृतियां, मदकूद्वीप में मांडूक्य ऋषि, दुर्गापुर स्टील प्लांट में सैकड़ों मूर्तिकलाएं, सूरजकुंड हरियाणा में अनेकानेक नयनाभिराम प्रतिमाएं तथा भोपाल के राजभवन में भी अनेक कालजयी रचनाओं का निर्माण किया है। बहरहाल उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईरान अमेरिका युद्ध संकट में पेट्रोल बचाने की अपील को सकारात्मक स्वरूप में लेने का आव्हान किया है। ताकि देश तेजी से तरक्की करते हुए विश्व की तीसरी आर्थिक शक्ति बन सके। उन्होंने कहा है कि साईकिल चलाते ही आप एक ग्लोबल पर्सनैल्टी बन जाते हैं। जो कि इस धरा में प्रदूषण दूर करने के लिए अपने हिस्से का योगदान देते हैं। वहीं इससे शारीरिक स्वास्थ्य और संपूर्ण व्यायाम भी हो जाता है। मालूम हो कि कोरोना आपदा के दौरान पूरी दुनिया में प्रदूषण यकायक कम हो गया था। जिस लक्ष्य को फिर से प्राप्त किया जा सकता है।









