CG : बाथरूम साफ नहीं होने से बिलासपुर सिम्स में फैली बदबू …
बिलासपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक बार फिर सफाई के नाम पर भारी अव्यवस्था पसरने लगी है। प्रबंधन द्वारा अस्पताल परिसर में उच्च स्तरीय सफाई रखने के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। आलम यह है कि अस्पताल के पेशाबघरों और शौचालयों से उठने वाली तेज बदबू अब मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। दुर्गंध इतनी ज्यादा है कि लोगों को परिसर में कदम रखते ही मुंह ढांकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अस्पताल के भीतर और ओपीडी ब्लाक और एमआरडी के पास बने टायलेट्स की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। नियमित रूप से सफाई और फिनाइल का उपयोग न होने के कारण गंदगी की परतें जम चुकी हैं। इस बदबू और गंदगी के कारण अब मरीज और उनके स्वजन इन पेशाबघरों का उपयोग करने से भी कतराने लगे हैं। करोड़ों रुपये के बजट और भारी-भरकम अमले के बावजूद सिम्स प्रशासन को यह तक भनक नहीं है कि उनके वार्डों और परिसरों के शौचालय रोज साफ हो भी रहे हैं या नहीं।
कुछ समय पहले तक व्यवस्था में सुधार की बात कही जा रही थी, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के कारण सिम्स में फिर से पुरानी अव्यवस्था लौट आई है। वार्डों के नजदीक बने शौचालयों की बदबू सीधे इनडोर मरीजों के कमरों तक पहुंच रही है, जिससे अस्पताल आए लोग ठीक होने के बजाय अन्य गंभीर संक्रमण की चपेट में आने की आशंका से डरे हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब मरीजों और उनके स्वजनों को इस अव्यवस्था का सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।
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