जगदलपुर । महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए गए व्यापक सत्यापन अभियान में बस्तर संभाग के 14,891 अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। प्रदेशभर में ऐसे अपात्र लाभार्थियों की संख्या डेढ़ लाख से अधिक बताई जा रही है।
सत्यापन के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन, गलत आयु का उल्लेख और मृत हितग्राहियों के नाम पर भी योजना का लाभ लिए जाने के मामले सामने आए। जांच में अपात्र पाए गए हितग्राहियों के नाम सूची से हटाते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं को ही मिलेगा।
सरकार ने योजना की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करते हुए डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ भौतिक सत्यापन भी अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से खातों में भेजी जाने वाली राशि की भी नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
अधिकारियों के अनुसार, महतारी वंदन योजना का उद्देश्य जरूरतमंद विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसलिए पात्रता के मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी समय-समय पर सत्यापन अभियान जारी रहेगा और फर्जी जानकारी देकर योजना का लाभ लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस अभियान से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा वास्तविक हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
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