रायपुर में रहने वाले आर्यन खरे ने गेट 2024 (जियोमैटिक्स इंजीनियरिंग) परीक्षा में पूरे भारत वर्ष में 6 वां रैंक लाकर अपने परिवार और राज्य का नाम रोशन किया है। वे छत्तीसगढ़ राज्य में अव्वल रहे। विदित हो की ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) एक अखिल भारतीय परीक्षा है जो राष्ट्रीय समन्वय बोर्ड, शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गेट समिति द्वारा देश भर के आठ क्षेत्रों में प्रशासित और आयोजित की जाती है, जिसमें आई.आई.एस.सी. बैंगलोर और अन्य सात आई.आई.टी. के संकाय सदस्य शामिल होते हैं। यह परीक्षा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) से सीधे मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (एमई), मास्टर्स इन टेक्नोलॉजी (एमटेक) एवं पीएचडी में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इसके अलावा उत्तीर्ण छात्र रैंक के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) और भारत भर के अन्य संस्थान/विश्वविद्यालय में भी प्रवेश ले सकते है। यह तेजी से बढ़ते सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों (पीएसयू) और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रवेश द्वार भी खोलता है। कुछ सार्वजनिक उपक्रम और अनुसंधान संगठन जो नौकरियां प्रदान करने के लिए गेट स्कोर का उपयोग करते हैं उनमें ओएनजीसी, एनटीपीसी, गेल, एचपीसीएल, पीजीसीआईएल, बीएचईएल, बीएसएनएल, एनएचपीसी, बीएआरसी, डीआरडीओ आदि शामिल हैं। पूरे देश से इंजीनियरिंग करने वाले महज 10 फीसदी छात्र ही गेट क्वालिफाई कर पाते है।
आर्यन खरे के पिता श्री सुबोध खरे लोक निर्माण विभाग रायपुर में पर्यवेक्षक के रुप में कार्यरत हैं एवं माता श्रीमती सारिका खरे गृहणी है। उनकी छोटी बहन श्रेया ने एम.बी.बी.एस. की परीक्षा 2023 में उत्तीर्ण की है। आर्यन ने बताया कि भिलाई इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग से सिविल में बी.ई. किया। उन्होने कहा कि किसी भी परीक्षा में सफलता पाने के लिए सकारात्मक रहकर तैयारी करनी चाहिए। पढ़ाई में क्वांटिटी नहीं क्वालिटी की आवश्यकता होती है। गेट की तैयारी के लिए कितने घंटे पड़ रहे है यह मायने नहीं रखता अपितु आपका पड़ाई के प्रति निरंतरता, नियमितता और प्रतिबद्धता मायने रखता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवारजनों और शिक्षकों को दिया। आर्यन ने कहा कि आगे मौका मिला तो सिविल सर्विस की तैयारी भी करूंगा। वे गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब करना चाहते है।
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