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CG : रायपुर में 53.60 लाख की सोलर स्ट्रीट लाइट ठगी, FIR दर्ज …

01/05/2026

रायपुर। रायपुर में सोलर स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर एक बड़े ठगी मामले का खुलासा हुआ है। खम्हारडीह थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली और राजनेताओं से जुड़ा बताकर एक कारोबारी से 53.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, कचना निवासी कारोबारी अंकित गोयल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में उनकी पहचान नयनित खेड़िया के माध्यम से राहुल शुक्ला नामक व्यक्ति से हुई थी। राहुल शुक्ला ने खुद को बड़े नेताओं और सरकारी अधिकारियों के करीब बताया और भरोसा दिलाया कि वह बस्तर संभाग की ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का बड़ा सरकारी टेंडर दिला सकता है।

आरोप है कि राहुल शुक्ला ने यह भी दावा किया कि हर सोलर स्ट्रीट लाइट पर करीब 48 हजार रुपये का भुगतान मिलेगा, जिससे कारोबारी को भारी मुनाफा होगा। इसी भरोसे के आधार पर कारोबारी को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद राहुल शुक्ला, उसकी पत्नी और अन्य सहयोगियों ने मिलकर अलग-अलग समय पर नकद और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 53.60 लाख रुपये प्राप्त किए। शुरुआत में आरोपियों ने जल्द काम शुरू होने का आश्वासन दिया, लेकिन समय बीतने के साथ टालमटोल शुरू कर दी गई। जब लंबे समय तक कोई प्रोजेक्ट नहीं मिला और पैसे भी वापस नहीं किए गए, तब कारोबारी को ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने विश्वास दिलाने के लिए जैंको कंपनी और सरकारी टेंडर से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज भी दिखाए थे, ताकि योजना वास्तविक लगे। दस्तावेज देखने के बाद कारोबारी ने भरोसा कर निवेश किया, लेकिन बाद में सभी वादे झूठे साबित हुए। खम्हारडीह पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल्स और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में ठगी की बात सामने आई है और अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दबिश की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी टेंडर और प्रोजेक्ट के नाम पर होने वाली ठगी को उजागर कर दिया है, जिससे व्यापारियों और निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।

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