फर्जी जाति प्रमाण पत्र एवं बेटे की कंपनी को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप से बढेंगी मुश्किलें
विभागीय अधिकारी ही करेगे संविदा नियुक्ति का विरोध

भोपाल

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता नरेन्द्र कुमार को 6 माह की संविदा नियुक्ति मिल सकती है। लेकिन फर्जी जाति प्रमाण पत्र एवं बेटों की कंपनियों को लाभ पहुंचाने जैसे विवादों के चलते उनकी मुश्किलें बढ़ सकती है। विभाग के उच्च पदों में बैठे लोगों ने ही उनकी संविदा नियुक्ति का विरोध शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि वर्तमान प्रमुख अभियंता नरेन्द्र कुमार 31 जुलाई को रिटायर होने जा रहे है। इसके साथ ही विभाग के मुखिया पद पर बैठने के लिए वरिष्ठों अफसरों ने जोड़ तोड़ का खेल शुरू कर दिया है। प्रमुख अभियंता पद के लिए दो नाम सबसे आगे चल रहे है इनमें विभाग के सचिव आरके मेहरा एवं प्रमुख भवन के प्रभारी प्रमुख अभियंता जीपी मेहरा शामिल है। लेकिन इन सबके बीच नरेन्द्र कुमार ने अपनी संविदा नियुक्ति बढ़ाए जाने को लेकर दिए आवेदन के बाद कुर्सी की खींचतान तेज हो गई है।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र, पद के दुरूपयोग जैसे गंभीर आरोप
वर्तमान प्रमुख अभियंता नरेन्द्र कुमार ने संविदा नियुक्ति के लिए आवेदन देकर इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है। लेकिन उन पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बना कर नौकरी करने के गंभीर आरोप है जिसकी षिकायत राज्य स्तरीय छानबीन समिति को की गई है। जिस पर जांच चल रही है। इसके अलावा पत्नी और बेटे के नाम चलाई जा रही कंपनियों एवं एनएबीएल लैब को विभागीय काम दिला कर लाभ पहुंचाने का भी आरोप है। पद के दुरूपयोग का यह मामला भी जांच पर लंबित है। ऐसे में नरेन्द्र कुमार के लिए संविदा नियुक्ति की राह थोड़ी मुष्किल हो सकती है।   

नरेन्द्र कुमार ने पूर्व ईएनसी की संविदा नियुक्ति का किया था विरोध
विभागीय अधिकारियों का आरोप है कि पूर्व प्रमुख अभियंता रहे अखिलेष अग्रवाल को जब संविदा नियुक्ति दिए जाने पर विचार हो रहा था। तब वर्तमान प्रमुख अभियंता नरेन्द्र कुमार ने ही सबसे आगे बढ़कर अग्रवाल को संविदा नियुक्ति दिए जाने का विरोध किया था। संविदा नियुक्ति का उन्होंने यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे दूसरे मुख्य अभियंताओं का हक मारा जाएगा। जबकि वर्तमान परिस्थितयों में उनके द्वारा संविदा नियुक्ति प्राप्त करने की दिषा में प्रयास शुरू कर दिए गए है।

पूर्व मंत्री के ओएसडी कर रहे लॉबिंग
विभागीय सूत्र बतातें है कि नरेन्द्र कुमार को पद पर बनाएं रखने के लिए कमलनाथ सरकार में मंत्री के ओएसडी रहे एक अधिकारी सक्रिय है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात एक ताकतवर अधिकारी का भी साथ लिया है। सूत्र बताते है कि पूर्व ईएनसी अखिलेष अग्रवाल को रोकने के लिए नरेन्द्र कुमार का आजाक्स और दूसरे संगठनों का साथ मिल गया था, लेकिन इस बार उनको अपने ही साथी अधिकारी और संगठन के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। उनकी संविदा नियुक्ति को लेकर संगठन से जुड़े लोग भी असमंजस की स्थिति में है, क्योंकि प्रमुख दावेदार माने जा रहे अधिकारी भी इसी वर्ग से ताल्लुक रखते है।

By kgnews

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