रायपुर

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महिला समूहों को 11.43 करोड़ रुपए की राशि की अंतरित

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत सरदार पटेल मैदान कवर्धा में आयोजित चार दिवसीय संभागीय सरस मेला का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत 11.43 रूपये की सहायता राशि के चेक वितरण किए, जो महिला समूहों के आजीविका संवर्धन में सहायक सिद्ध होंगे।   

इस दौरान पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद कवर्धा  चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं  अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चन्द्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।       

उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सभी स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूह के सदस्यों से उनके व्यवसाय की जानकारी ली। स्टाल में दीदियों से चर्चा करते हुए व्यवसाय के लिए कच्चे माल उसके उत्पादन और विक्रय की जानकारी ली। लखपति दीदियों से बात करते हुए उन्होंने कहा की ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार का मजबूत आधार स्तंभ बनकर उभरी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान कर रही है।     

उन्होंने बताया कि संभागीय सरस मेला के आयोजन से दुर्ग संभाग के सभी सात जिलो के महिला स्व सहायता की दीदीयां लाभान्वित हो रही हैं। समूह द्वारा बनाये गए दैनिक उपयोग के आकर्षक सामाग्री, जैविक खादय पदार्थ एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं को विक्रय के लिए उचित मंच मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर वोकल फाॅर लोकल को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इस आयोजन से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा जिससे वे आत्मनिर्भर होने की दिशा मे आगे बढ़ेगी। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिलाओं की पूरी भागीदारी हो और वे अपने लघु व्यवसाय से उद्यमी की पहचान हासिल कर सके। मेले में आए सभी स्व सहायता समूह की दीदियों को उपमुख्यमंत्री ने उनके व्यवसाय के लिए शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताई कि इस आयोजन से क्षेत्र की जनता को लाभ होगा।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में 2 लाख 69 हजार से अधिक महिला स्व सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दीदी के गोठ कार्यक्रम का भी संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने नवाचारी कार्यों को साझा करती हैं। यह कार्यक्रम हिंदी के साथ-साथ गोंडी और हल्बी भाषा में भी संचालित किया जा रहा है, जिससे बस्तर अंचल की महिलाएं भी इसे आसानी से समझ पा रही हैं। इससे प्रदेशभर में महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी एक-दूसरे तक पहुंच रही है। प्रदेश में 300 महतारी सदनों का निर्माण भी किया जा रहा है।     

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार महिलाओं और बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन राशि अब उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने बनासकांठा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां सहकारी (कॉपरेटिव) मॉडल के माध्यम से महिलाएं बड़े उद्योगों से जुड़कर व्यापक स्तर पर दुग्ध उत्पादन कर रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं छोटे बड़े उद्योगों का संचालन कर सकती हैं। उन्होंने आगे बताया कि सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म एप्लीकेशन विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इस एप के माध्यम से आम नागरिक सीधे महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा        

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन आवासों के निर्माण में अब महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं डीलर दीदी के रूप में जुड़कर छड़ और सीमेंट की सब-डीलर बन रही हैं। इसके साथ ही वे सेंट्रिंग प्लेट निर्माण जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।    

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आज सरस मेला में बैंक लिंकेज के तहत 10 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया जाएगा। 271 महिला स्व सहायता समूहों को 40 लाख 65 हजार रुपए की चक्रीय निधि दी जाएगी। इसी प्रकार 172 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के तहत सीएफएल के माध्यम से 1 करोड़ 3 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय को और मजबूत बना सकेंगी।     

जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिला समूहों को अधिक से अधिक संख्या में स्व रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। यह सरस मेला महिला समूहों के उत्पादों के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करा रहा है।  कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने सरस मेला आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसका 23 मार्च से 26 मार्च तक होगा। मेले में सभी आयु वर्ग के लोगो के लिए महिला समूह द्वारा तैयार किये गये आकर्षक सामान उपलब्ध है। मिलेट से बने अनेकों प्रकार के बिस्कुट, आचार, पापड़, फिनायल, दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बिरनमाला एवं हैण्डलूम के बने बैग ईत्यादी स्थानीय स्तर पर तैयार किये गये है।    

उल्लेखनीय है कि इस संभागीय सरस मेले में कबीरधाम जिले के साथ-साथ जिला राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी के महिला स्व सहायता समूह द्वारा प्रदर्शनी लगायी गई है। बिहान की दीदियों द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार की गई वस्तुओं का व्यापक प्रचार कर विक्रय के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे की आजीविका संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा मिले

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