खरगोन

खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 6 आरोपी अभी फरार हैं। आरोपितों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर विदेशी नंबर से काल के जरिए धमकी दी थी।

फायरिंग का वीडियो भेजकर दी थी जान से मारने की धमकी

पुलिस के मुताबिक 17 मार्च 2026 को भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता दिलीप राठौड़ के मोबाइल पर काल कर आरोपितों ने फायरिंग का वीडियो भेजते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित लोकेंद्र पंवार और सचिन पाटीदार का फरियादी से पुराना लेन-देन विवाद था।

पुराने विवाद को निपटाने के लिए रची गई थी बड़ी साजिश

इसी विवाद को निपटाने के लिए आरोपितों ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर साजिश रची और उज्जैन व देवास के आरोपितों के जरिए शूटर बुलाए। आरोपियों ने पहले 11 मार्च को फायरिंग की कोशिश की, जो असफल रही। इसके बाद 16 मार्च को दोबारा योजना बनाकर दिलीप राठौड़ के घर गोली चलाई और उसका वीडियो बनाकर भेजा।

सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता

पुलिस ने 15 दिन तक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, कारतूस, 3 कार, 2 बाइक और 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 44 लाख रुपए बताई गई है।

अपराधिक रिकॉर्ड वाले शूटर और सहयोगी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपितों में कई शूटर, रेकी करने वाले और सहयोगी शामिल हैं। मुख्य आरोपित राजपाल चंद्रावत पर हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। फरार आरोपितों की तलाश जारी है।

 

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