इंदौर
 इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने एमआर 10 पुल से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत दे दी है। बीते एक महीने से एमआर 10 टोल नाके पर स्थानीय वाहनों से फास्टैग के माध्यम से की जा रही वसूली पर रोक लगा दी गई है। हालांकि बीते एक महीने में कंपनी यहां से गुजरने वाले एक लाख से अधिक वाहनों से 18 रुपये के हिसाब से लाखों रुपये वसूल चुकी है।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपी अहिरवार ने बताया कि एमआर 10 पर प्रकाश अस्फाइटिंग एंड हाईवे टोल लिमिटेड द्वारा बीते एक माह से अचानक स्थानीय वाहनों से फास्टैग के माध्यम से वसूली शुरू कर दी गई थी। यहां पहले फास्टैग के सेंसर नहीं लगे थे। इससे इंदौर जिले के वाहनों को बिना टोल चुकाए निकलने दिया जाता था। फास्टैग से वसूली के बाद वाहन मालिक लगातार शिकायत कर रहे थे। अब कंपनी अधिकारियों से कहा गया कि वे चार जून 2020 के पहले की स्थिति अनुसार ही टोल की वसूली करें।

लोगों को संदेश आए तो पता चला

जानकारी के अनुसार करीब पांच साल पहले टोल संचालक कंपनी को निर्देश दिए गए थे कि वे इंदौर जिले के निजी वाहनों से टोल वसूली नहीं करेगी। जब फास्टैग से वसूली की गई तो इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। न कोई सूचना दी गई, न वहां कोई बैरिकेड या बोर्ड लगाया गया। वहां से गुजरने के बाद वाहन मालिकों को मोबाइल पर संदेश आए तो पता चला कि नाके से गुजरने के 18 रुपये कट गए हैं। जानकारी के मुताबिक कंपनी के पास 2024 तक टोल लेने का अनुबंध है। कंपनी ने करीब 14.5 करोड़ की लागत से पुल बनाया था। वह 19 करोड़ रुपये वसूल चुकी थी। इसके बाद स्थानीय वाहनों से वसूली पर रोक लगा दी गई थी।

By kgnews

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