इंदौर
 इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच को शनिवार को फर्जी तौर पर जमानत देने वाले एक बड़े गिरोह का फर्दाफाश करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इनके पास से बड़ी मात्रा में सरकारी कार्यालयों की सीलें बरामद हुई है और करीब एक हजार ऋण पुस्तिकाएं जब्त की गई। इसमें करीब 20 जिलों के विभिन्न सरकारी कार्यालयों की सीलें हैं।

गिरोह का मुख्य सरगना करीबन 10 वर्षों से नकली जमानतदार न्यायालय में पेश करने का काम कर रहा हैं व पूर्व में इसके खिलाफ शहर के थानों में इसी संबंध में प्रकरण दर्ज हैं।

क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि सिक्ख मोहल्ला में फर्जी जमानत देने के लिए चार लोग घूम रहै हैं। इसके बाद टीम वहां पहुंची और वहां से 19 साल के करण चावडा, 60 साल के प्रकाश मालवीय, 50 साल के रमेश बोडना और 48 साल के कैलाश प्रजापत को गिरफ्तार किया था। पूछताछ करने पर करण ने बताया कि प्रकाश करण का चाचा है और वह उसके साथ मिलकर न्यायालय में नकली जमानतदार पेश करता है। प्रकाश पहले भी फर्जी जमानत देने के मामले में पकड़ा जा चुका है। इनके पास से धार, देवास, महिदपुर, देपालपुर, घटिया, टोंकखुर्द, बोलाई, तराना, रतलाम, कन्नौद सहित 20 जिलों के शासकीय कार्यालयों के रबर व स्टील के रबर स्टैंप भी बरामद किए गए हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपितों से और पूछताछ कर रही है।

By kgnews

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