भोपाल
आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई और इंतज़ार की मार पड़ने वाली है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे अब उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के इस फैसले ने खासकर शहरों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
क्या बदला नए नियमों में?
अब जिन उपभोक्ताओं के पास दो गैस सिलेंडर (डबल कनेक्शन) हैं, उन्हें अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 25 दिन थी। यानी सीधे 10 दिन का अतिरिक्त इंतजार बढ़ा दिया गया है।
ये आए नए नियम
नए नियमों के मुताबिक जिन घरों में दो गैस सिलेंडर हैं उन्हें अब 35 दिन बाद ही नया सिलेंडर मिलेगा। जिनके पास एक सिलेंडर है उन्हें पहले की तरह 25 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा। यानी सीधी सी बात है कि अब दो सिलेंडर रखने वालों को कुछ और लंबा इंतजार करना होगा।
एलपीजी सप्लाई को लेकर बदलते हालात के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन की जगह 45 दिन का इंतजार करना होगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बुकिंग अंतर का फर्क भी खत्म कर दिया गया है।
वहीं, एलपीजी संकट के चलते कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 50 प्रतिशत गैस देने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रदेश में यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। अब नई व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों को उनकी औसत खपत के आधार पर केवल 20 प्रतिशत गैस ही दी जाएगी और इसके लिए पहले जांच की जाएगी।
किसे कितने दिन इंतजार?
डबल सिलेंडर वाले: 35 दिन बाद बुकिंग
सिंगल सिलेंडर वाले: 25 दिन (कोई बदलाव नहीं)
उज्ज्वला योजना लाभार्थी: 45 दिन बाद बुकिंग
10 किलो कम्पोजिट सिलेंडर: 18 दिन बाद
छोटे (5 किलो) सिलेंडर: 9 से 16 दिन
सबसे बड़ा बदलाव क्या है?
अब बुकिंग का समय पिछली डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करेगा तो सिस्टम खुद ही रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देगा।
शहरों में ज्यादा असर क्यों?
शहरी इलाकों में ज्यादातर परिवार डबल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अब गैस खत्म होने पर तुरंत नया सिलेंडर मिलना आसान नहीं होगा।
कमर्शियल गैस पर भी असर
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आपात सेवाओं और शिक्षण संस्थानों को ही दिया जा रहा है।
सरकार का क्या कहना है?
अधिकारियों के मुताबिक, ये बदलाव गैस की खपत को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम को संतुलित रखने के लिए किए गए हैं।
जरूरी सूचना:
किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं।
कुल मिलाकर:
अब गैस सिलेंडर सिर्फ महंगा ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले से प्लानिंग करके चलना होगा, वरना रसोई की आग ठंडी पड़ सकती है।
