भोपाल
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 शासकीय विश्वविद्यालय में स्थापित इन्क्यूबेशन सेंटर की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा इनके माध्यम से अधिकाधिक स्टार्टअप्स को लाभ पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन दूरस्थ अध्ययन केंद्रों को बहुपयोगी और परिणाममूलक बनाया जाए।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विद्यार्थियों को महाविद्यालय की प्रगति से जोड़ने के लिए एल्युमिनी मीट में आमंत्रित करने की बात कही। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग के अंतर्गत 6 विश्वविद्यालय अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में इन्क्यूबेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 52 स्टार्टअप्स चिन्हित हैं।

आयुक्त उच्च शिक्षा दीपक सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को स्व-रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से तथा स्थानीय उद्योगों को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा 5 नए पाठयक्रम का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि सत्र 2021-22 के लिए प्रदेश के 346 शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत 76 हज़ार 518 विद्यार्थी ने जैविक खेती एवं 196 शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत 14 हज़ार 745 विद्यार्थी ने बागवानी पाठयक्रम का चयन किया है। सिंह ने बताया कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश में प्रथम चरण (2021) में नैक प्रत्यायन के लिए 56 महाविद्यालय तथा द्वितीय चरण (2022) में 120 महाविद्यालय को चयनित किया गया है।

 

By kgnews

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