एमपी की कॉलोनियों का होगा कायाकल्प, निकायों को मिलेंगे ₹5 करोड़

भोपाल

प्रदेश में शहरीकरण तेजी से हो रहा है। बड़े शहरों के आसपास नई-नई कालोनियां बन रही हैं। इनमें अधोसंरचना विकास से जुड़े कामों को लेकर आमतौर पर शिकायतें आती हैं। नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि सभी काम एक साथ करवाए जा सकें, इसलिए जन सहयोग से काम कराए जाएंगे। इसके लिए जनभागीदारी का नया माडल लागू किया जाएगा। इसमें निकायों को विशेष फंड दिया जाएगा, जो पांच करोड़ रुपये तक हो सकता है। स्थानीय लोगों को कितनी राशि लगानी होगी, इसका निर्धारण जन प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों से परामर्श के बाद किया जाएगा।

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद लागू होगी योजना

योजना का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और स्वीकृति मिलने पर लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री जनभागीदारी योजना में अभी क्षेत्र के हिसाब से राशि लेने का प्रविधान है। गरीब बस्ती में 25 प्रतिशत और संपन्न व अपर मिडिल क्लास वाले क्षेत्रों में 50 प्रतिशत राशि ली जाती है। इस प्रविधान को नए सिरे से तय किया जाएगा। जनभागीदारी केवल राशि नहीं बल्कि सामग्री के रूप में भी हो सकती है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2003-04 के 36 करोड़ रुपये लगाकर 150 किमी लंबाई की कांक्रीट की सड़कें बनाई गई थीं। जनभागीदारी के रूप में सीमेंट ली गई थी।

निकायों की खराब आर्थिक स्थिति और विशेष फंड

अब यह तय किया जा रहा है कि जो नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद जनभागीदारी से कोई भी काम करेगी, उसे विशेष फंड दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इस योजना में पचास प्रतिशत राशि की व्यवस्था निकायों को करनी होगी। यह किस रूप में होगी, इसका निर्धारण विधायक, महापौर, नगर पालिका व परिषद अध्यक्ष से चर्चा के बाद किया जाएगा। दरअसल, इस माडल को प्रभावी तरीके से लागू करने के पीछे उद्देश्य यही है कि रहवासियों को सुविधाएं मिल जाएं और निकायों पर अधिक वित्तीय बोझ भी न आए क्योंकि निकायों की आर्थिक स्थिति खराब है। कई निकायों के लिए वेतन-भत्ते बांटना ही मुश्किल हो रहा है। ये अधोसंरचना विकास के काम के लिए पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं, जबकि इन्हें टैक्स लगाकर वसूलने के अधिकार दिए गए हैं पर स्थिति ठीक नहीं है।

एकीकृत टाउनशिप पॉलिसी से सुधरेगी व्यवस्था

एकीकृत टाउनशिप पालिसी के कारण स्थितियों में सुधार होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसमें यह प्रविधान किया गया है कि जो भी टाउनशिप बनाएगा, उसे सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, नाली, उद्यान सहित अन्य अधोसंरचना विकास से जुड़े सभी काम करने होंगे। इसके बाद ही कालोनी को पूर्णता का प्रमाणपत्र दिया जाएगा और कालोनी का हस्तांतरण निकायों को होगा।

 

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था

25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था

रायपुर मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों…

2 hours ago
खरीफ सीजन की तैयारियां तेज, किसानों को मांग अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा खाद और बीज

खरीफ सीजन की तैयारियां तेज, किसानों को मांग अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा खाद और बीज

रायपुर जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन…

2 hours ago
मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन

रायपुर  सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर…

2 hours ago
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

रायपुर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन प्रदेश में…

3 hours ago
स्व. बाबूलाल गौर अजेय नेता थे, उनका शताब्दी वर्ष मनाएंगे भव्यतापूर्वक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्व. बाबूलाल गौर अजेय नेता थे, उनका शताब्दी वर्ष मनाएंगे भव्यतापूर्वक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती…

3 hours ago