भोपाल

हमीदिया अस्पताल में रोजाना करीबन 600 मरीजों की जांच होती है, लेकिन पिछले 10 दिनों से लैब मशीन खराब होने से यहां खून-पेशाब की जांच बंद है। इसके चलते करीबन 5 हजार मरीजों की जांच पेंडिग हो गर्इं हैं। इसके अलावा कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को महंगे दामों पर प्रायवेट पेथोलॉजी लैब में जांच कराना पड़ी। दरअसल पूरा मामला यह है कि दो कंपनियों के बीच मरीज पिस रहे हैं।

जानकारी के अनुसार इस गड़बड़ी के पीछे सीपीएल के संचालन को लेकर कंपनी का बदलाव होना है। दरअसल अभी सीपीएल की जिम्मेदरी बासयोमेड नाम की कंपनी संभाली है। अब यह जिम्मेदारी हिंदुस्तान लैबोरेटरी नामक कंपनी को दी है। नई कंपनी से एमआयू हो चुका है जो करीब एक महीने में काम शुरू करेगी। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे में पुरानी कंपनी ने मशीन के मेंटनेंस का काम बंद कर दिया है, जिससे यह परेशानी हो रही है।

नहीं लिए जा रहे सैंपल
हमीदिया अस्पताल में पिछले 10 दिनों  से मरीजों के ब्लड सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। अस्पताल की सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में खून की जांच करने वाली सबसे जरूरी मशीन बायोमेड बीए 400 खराब हो गई है। इससे मरीजों की सबसे सामान्य और जरूरी मानी जाने वाले शुगर, केलोस्ट्रल, यूरिया, सोडियम, पोटेशियम, किडनी, लिवर सहित दो दर्जन से आदि की जांच भी नहीं हो रहीं।

रोजाना होती है 600 मरीजों की जांच
अस्पताल में  हर दिन करीब 600 मरीजों की 2400 जांचें होती हैं। इस संबंध में बायोकेमेस्ट्री विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखकर वार्डों में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आने वाले मरीजों के ब्लड सैंपल न लेने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि ब्लड टेस्ट करने वाली बीए 400 मशीन 22 जून से खराब है, जिससे इस मशीन पर होने वाली सभी जांचें बंद कर दी गई हैं।

अस्पताल की एक मशीन खराब हो गई है। उसे सुधारने के लिए कंपनी को कहा गया है। हम आउटसोर्स से मरीजों की जांच करा रहे हैं। जल्द ही नई कंपनी काम करना शुरू कर देगी। मरीजों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
– डॉ. आशीष गोहिया, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

By kgnews

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