राजनांदगांव, शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है. हर वार्ड में कुत्तों के झुंड लोगों को दौड़ाने और हमला करने की घटनाएँ बढ़ रही हैं, खासकर रात के समय खतरा और भी ज्यादा रहता है. कुत्तों के काटने के अधिकतर मामले छोटे बच्चों में सामने आ रहे हैं. स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बना हुआ है. नगर निगम द्वारा हर साल लाखों रुपये खर्च कर बधियाकरण अभियान चलाने के बावजूद कुत्तों की संख्या में कमी नहीं आ रही, जिससे शहरवासियों की समस्याएं बढ़ गई हैं.

बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नगर निगम ने दोबारा बड़े पैमाने पर बधियाकरण अभियान शुरू किया है. जुलाई से अब तक निगम की टीम ने करीब 800 कुत्तों का बधियाकरण किया है, जबकि नैन फाउंडेशन सर्विसेस को 1000 और कुत्तों के बधियाकरण का नया कार्यादेश जारी किया गया है. फिलहाल कुछ चुनिंदा वार्डों में कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण किया जा रहा है, जबकि बसंतपुर, गंजलाईन, मोतीपुर रामनगर, बल्देवबाग, गोलबाजार और लखोली जैसे क्षेत्रों में कुत्तों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है. नगर निगम का दावा है कि अभियान तेज होने से शहर में कुत्तों से होने वाली घटनाओं में कमी आएगी.

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *