राजनांदगांव, तांत्रिक क्रिया से घर की आर्थिक तंगी दूर करने का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) के अपर सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश साहू ने उक्त फैसला सुनाया है।
घटना चिखली चौकी क्षेत्र में साल 2017 में हुई थी। विशेष लोक अिभयोजक प्रिया कांकरिया ने बताया कि आरोपी 52 वर्षीय चंद्रकुमार गजभिए खुद को गुरुजी बताता था। जिसने पीड़िता के घर से आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पूजा पाठ की थी। इसके बाद से उसका घर में लगातार आना-जाना लगा रहता था। घटना वाले दिन नाबालिग पीड़िता घर पर अकेली थी, तभी आरोपी चंद्रकुमार गजभिए उनके घर पहुंचा और नाबालिग से अनाचार किया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी चंद्रकुमार को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं प्रकरण की सह आरोपी ममता चौहान पर अपराध साबित नहीं होने पर उसे दोषमुक्त किया गया है।
