राजनांदगांव, जिले में ऐसा पहली बार होगा जब छमाही परीक्षा का मूल्यांकन दूसरे स्कूल में किया जाएगा। मूल्यांकन उसी स्कूल में नहीं होगा जहां विद्यार्थी ने पढ़ाई करते हुए परीक्षा दिलाई हो। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आस-पास 5 किमी की रेंज में आने वाले दूसरे स्कूलों में बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन की तर्ज पर और सख्ती से किया जाएगा। परीक्षा खत्म होने के तीन दिन बाद नतीजे जारी किए जाएंगे। पालकों को स्कूलों में बुला कर उनकी उपस्थिति में बच्चों को अंकसूची दी जाएगी। शिक्षकों के सामने समीक्षा की जाएगी।

12 दिसंबर से कक्षा 9वीं से 12वीं के बच्चों की छमाही परीक्षा एक साथ शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगी। इसमें विगत वर्ष बोर्ड परीक्षा में बेहतर नतीजे लाने वाले व्याख्याताओं और विषय विशेषज्ञों का चयन कर खासकर 10वीं और 12वीं के बच्चों का प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। वहीं 13 दिसंबर को नवोदय की परीक्षा के चलते जिन कक्षाओं की परीक्षा रखी गई थी उन्हें कैंसिल किया गया है। केवल उसी विषय की एक परीक्षा शीतकालीन अवकाश के बाद होगी। नतीजों के आधार 20 जनवरी से होने वाली प्री बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जाएगी। जिले में बोर्ड परीक्षा के नतीजों में सुधार लाने शिक्षा विभाग यह एक और नया प्रयोग कर रहा है। दूसरे स्कूलों में कापियों का मूल्यांकन करने वाले स्कूलों से पहचान नहीं रहेगी।

छमाही के लिए 70 फीसदी कोर्स पूरा होने का दावा डीईओ प्रवास कुमार सिंह बघेल का कहना है पखवाड़ेभर पहले छमाही परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया गया। शिक्षकों को इसकी बेहतर तैयारी कराने कहा गया। छमाही परीक्षा के लिए 70 फीसदी से ज्यादा सिलेबस पुरा किया गया है। मेन फोकस बोर्ड के बच्चों की बेहतर तैयारी पर है। इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस चल रही है। सभी स्कूलों के शिक्षक और बच्चे जुड़ रहे या नही इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। खासकर केमेस्ट्री, फिजिक्स, गणित विषय पर फोकस है। बच्चों के साथ शिक्षकों के परफार्मेंस की निगरानी की जा रही है।

By kgnews

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