राजनांदगांव, विश्व एड्स दिवस पर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में तीन दिवसीय कार्यशाला जागरुकता कार्यक्रम किया जा रहा है। मंगलवार को दूसरे दिन सेमिनार हॉल में एचआईवी बीमारी की जांच, निदान, रोकथाम, उपचार एवं अवसर वादी संक्रमण जैसे कि टीबी बीमारी के संबंध में सेमिनार आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पंकज मधुकर लुका डीन एवं डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर अधीक्षक रहे। डीन डॉ. लुका ने कहा ऐसे कार्यक्रम को हमेशा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एचआईवी बीमारी में दवा से ज्यादा रोकथाम जरूरी है।

डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर ने नर्सिंग स्टाफ को संबोधित करते कहा कि एचआईवी बीमारी की जानकारी सभी स्टाफ को होनी चाहिए। कार्यक्रम में दी गई जानकारी अपने वार्डों में अमल करने की बात कही। संकाय सदस्यों में डॉ. सुनीता मेश्राम और डॉ. आराधना टोप्पो सर्जरी विभाग, डॉ. दिव्या साहू और डॉ. इंदु पीएसएम विभाग, डॉ. सुभाष रावटे अस्थि रोग विभाग, डॉ. आशीष दुलानी मेडिसिन विभाग रहे। स्नातक और स्नातकोत्तर के 150 से ज्यादा मेडिकल स्टूडेंट्स शामिल थे। एआरटी सेंटर स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ और वरिष्ठ नर्सिंग प्रभारी की भी मौजूदगी रही। नर्सिंग प्रभारी सिस्टर अश्विनी राय ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में डॉ. लकी नेताम डॉ. राजशेखर और डॉ. राजेश्वरी का विशेष योगदान रहा।

जांच और निदान की नई तकनीक के बारे में बताया गया कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. नवीन कुमार तिर्की विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग एवं एआरटी सेंटर नोडल अधिकारी डॉ. पवन जेठानी डिप्टी अस्पताल अधीक्षक एवं टी.बी रोग विशेषज्ञ, डॉ. सुरिंदर कौर विभाग अध्यक्ष सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग, डॉ. प्रकाश खूंटे एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग शामिल थे। उन्होंने अपने व्याख्यान में एचआईवी बिमारी की जांच और निदान की नई तकनीकों के बारे में बताया। जांच के बाद ठोस और तरल अपशिष्ट के निपटान का सही तरीका बताया।

By kgnews

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