राजनांदगांव, शिक्षक ने बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया और 30 साल में उनसे प्रशिक्षण लेने वाले एक हजार से ज्यादा बच्चों का चयन जवाहर नवोदय स्कूल डोंगरगढ़ में हो चुका है। यह शिक्षक जहां भी रहे वहां के स्कूल परिसर में उन्होंने गार्डन बनायाए फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया। पौधरोपण और पर्यावरण सरंक्षण में रुचि रखने वाले शिक्षक मुन्हे लाल लिल्हारे का बच्चों को पढ़ाने का अपना अलग तरीका है। वह हमेशा कुछ अलग प्लानिंग और नवाचार करते रहते हैं। उन्हें शिक्षक दिवस पर राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा गया।

वे डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम छीपा के निवासी हैं उनकी उम्र करीब 62 वर्ष है जो अप्रैल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनके माता.पिता तो अशिक्षित थे। लेकिन उन्होंने मुझे पढ़ाया। मुन्हे लाल ने राजनीति शास्त्र में एमए और बीएड किया है। मुन्हे लाल लिल्हारे ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। जिसके चलते उन्हें संभाग स्तर पर सबसे श्रेष्ठ प्रधान पाठक का सम्मान मिल चुका है। वे स्कूल लगने से आधे घंटे पहले स्कूल पहुंचते हैं और छुट्टी के आधे घंटे बाद घर वापस जाते हैं। बच्चों को पढ़ाने के साथ उन्हें संस्कारी बनाने और जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों का निशुल्क तैयारी कराने में इन शिक्षकों की अहम भूमिका रही।

मुन्हे लाल लिल्हारे ने बताया वे शासकीय पूर्व माध्यमिक बालक शाला मुसराकला डोंगरगढ़ ब्लॉक में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ हैं। सन 1986 में उनकी मोहला ब्लॉक में पोस्टिंग हुई थी। वहां ग्रामीणों और स्कूल के बच्चों के लिए पीने के शुद्ध पानी का इंतजाम नहीं था। उन्होंने पीएचई में आवेदन किया और सप्ताह भर में बोरिंग की खुदाई होने पर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को शुद्ध पेयजल मिला। वहां कुल 44 और पांचवी में 5 बच्चों पर वे अकेले शिक्षक थे। डीईओ प्रवास कुमार बघेल ने बताया राज्य शिक्षक सम्मान के लिए जिले के दो शिक्षकों प्रधान पाठक मुन्हे लाल लिल्हारे और प्राचार्य डॉण् शोभा श्रीवास्तव का चयन किया गया था।

By kgnews

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